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विनायक चतुर्थी पर क्यों वर्जित है चंद्र दर्शन? जानें दोष के उपाय और चंद्रोदय का समय

20 Jan, 2026 7:20 pm
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Vinayak Chaturthi 2026
विनायक चतुर्थी 2026

Magh Vinayak Chaturthi 2026: हिन्दू धर्म में विनायक चतुर्थी के दिन चन्द्रमा को देखना अशुभ माना जाता है. आइए जानते हैं पिछले एक दशक से अधिक समय से कार्यरत ज्योतिषाचार्य एवं हस्तरेखा विशेषज्ञ चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु: से वर्जित चंद्रदर्शन का समय और अगर अनजाने में चांद देख लिए तो क्या करें उपाय.

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Vinayak Chaturthi 2026: माघ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 22 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा. इस दिन भगवान गणपति की विधि-विधान से पूजा की जाती है. सनातन धर्म में विनायक चतुर्थी पर चंद्रमा का दर्शन करना अशुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा को देखने से व्यक्ति पर चोरी या चरित्रहीनता का झूठा आरोप लग सकता है. आइए जानते हैं, ज्योतिषाचार्य चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु: से वर्जित चंद्रदर्शन का समय, पूजा का शुभ मुहूर्त और चंद्रमा को देखना क्यों वर्जित है.

विनायक चतुर्थी व्रत का शुभ मुहूर्त

माघ शुक्ल पक्ष का विनायक चतुर्थी: 22 जनवरी 2026 दिन बृहस्पतिवार
माघ शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि प्रारम्भ: 22 जनवरी 2026 प्रात: 02 बजकर 01 मिनट से
माघ शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि समाप्त: 23 जनवरी 2026 प्रात: 01 बजकर 17 मिनट तक

प्रात: गणेश पूजा मुहूर्त: 22 जनवरी 2026 सुबह 6 बजकर 37 मिनट से सुबह 7 बजकर 56 मिनट तक

मध्याह्न गणेश पूजा मुहूर्त: 22 जनवरी 2026 दोपहर 10 बजकर 41 मिनट से दोपहर 01 बजकर 21 मिनट तक

भारत में वर्जित चंद्रदर्शन का समय

शाम 05 बजकर 26 मिनट से रात 8 बजकर 47 मिनट तक

वर्जित अवधि: 3 घंटे 21 मिनट

गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा के दर्शन करना क्यों वर्जित है

हिंदू धर्म में गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा का दर्शन करना वर्जित माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन चंद्रमा को देखने से व्यक्ति पर ‘झूठा कलंक’ लगता है, जिससे उस पर बिना किसी आधार के चोरी का झूठा आरोप लग सकता है. इतना ही नहीं, जो व्यक्ति अनजाने में भी इस दिन चंद्रमा को देख लेता है, उस पर चरित्र हनन का कलंक लगने का डर रहता है.

यदि भूल से चंद्रमा देख लें तो करें ये उपाय

घी का दीपक जलाकर गणेश जी का ध्यान करें.
गणेश जी को 21 दूर्वा चढ़ाएं.
“ॐ गं गणपतये नमः” का 108 बार जप करें.
स्यमंतक मणि की कथा सुने या पाठ करें.
“सिंहः प्रसेनमवधीत्, सिंहो जाम्बवता हतः।
सुकुमारक मा रोदीः, स्तव ह्येष स्यमन्तकः॥”
मंत्र का जाप करें.

गणेश चतुर्थी का पौराणिक कथा और महत्व

पौराणिक कथा के अनुसार, एक दिन प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश अपने वाहन मूषक से गिर गए. इसे देखकर चन्द्रमा को हंसी आ गया. इस पर भगवान गणेश क्रोधित हो गए और उन्होंने चन्द्रमा को श्राप दे दिया कि भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के दिन जो भी चन्द्रमा को देखेगा, उसे समाज में अपमान का सामना करना पड़ेगा. पौराणिक कथा में उल्लेख है कि एक बार भगवान श्रीकृष्ण भी अनजाने में इस दिन चन्द्रमा के दर्शन कर लिए थे, जिसके कारण उन पर ‘स्यमंतक मणि’ चोरी करने का झूठा आरोप लग गया था.

ज्योतिषाचार्य चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु:
ज्योतिष एवं हस्त रेखा विशेषज्ञ | 12 साल का अनुभव
Mo- +91 8620920581

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Ranjan Kumar

लेखक के बारे में

By Ranjan Kumar

दिल्ली स्कूल ऑफ जर्नलिज़्म, दिल्ली विश्वविद्यालय से मास्टर्स. वर्तमान में प्रभात खबर में धर्म और राशिफल बीट पर काम कर रहे हैं, जहां गंभीर विषयों को सरल और प्रभावी शैली में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं. राजनीति, सिनेमा और हेल्थ विषयों पर पैनी पकड़. गहरी रिसर्च आधारित लेखन सीखने का प्रयास जारी है.

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