ePaper

Hartalika Teej 2025 Shubh Yog: चार शुभ योगों के संयोग से इस बार हरितालिका तीज होगा अतिफलदायी

Updated at : 25 Aug 2025 8:36 AM (IST)
विज्ञापन
Hartalika Teej 2025

Hartalika Teej 2025

Hartalika Teej 2025 Shubh Yog: हरितालिका तीज 2025 इस बार बेहद खास है क्योंकि इस दिन चार शुभ योगों—सर्वार्थ सिद्धि, शोभन, गजकेसरी और पंचमहापुरुष—का संयोग बन रहा है. मान्यता है कि इन योगों में व्रत करने से महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है और अविवाहित कन्याओं को मनचाहा वर प्राप्त होता है.

विज्ञापन

Hartalika Teej 2025 Shubh Yog: अखंड सौभाग्य और पति की लंबी आयु का प्रतीक हरितालिका तीज व्रत इस बार मंगलवार को मनाया जाएगा. इसकी शुरुआत सोमवार की सुबह नहाय-खाय विधि से होगी, जब महिलाएं स्नान-ध्यान कर पारंपरिक रीति से भोजन बनाकर ग्रहण करेंगी.

कब है हरितालिका तीज?

पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य का प्रतीक हरितालिका तीज इस बार मंगलवार को मनाई जाएगी. इसकी शुरुआत सोमवार सुबह नहाय-खाय से होगी, जब महिलाएं स्नान-ध्यान कर विधिवत भोजन तैयार कर ग्रहण करेंगी.
तृतीया तिथि आरंभ : 25 अगस्त, दोपहर 12:39 बजे

समापन : 26 अगस्त, दोपहर 12:39 बजे (कुछ पंचांगों में 1:54 बजे तक)

पारण : 27 अगस्त सूर्योदय के बाद

पारण से पहले सुहाग सामग्री, वस्त्र, अन्न, फल, मिष्ठान्न और दक्षिणा का दान करना शुभ माना जाता है.

ये भी पढ़ें: Hartalika Teej 2025 Step by Step Vrat Vidhi: हरितालिका तीज व्रत की स्टेप बाय स्टेप विधि देखें यहां, जानें शुभ मुहूर्त

इस बार बन रहे शुभ योग

हरितालिका तीज पर इस वर्ष चार विशेष योग बन रहे हैं:

  • सर्वार्थ सिद्धि योग
  • शोभन योग
  • गजकेसरी योग
  • पंचमहापुरुष योग

ये संयोग व्रत को और अधिक फलदायी और मंगलकारी बना रहे हैं. परंपरा है कि यह व्रत विवाहित महिलाओं को अखंड सौभाग्य और अविवाहित कन्याओं को मनचाहा वर प्रदान करता है.

पूजन विधि और विशेष परंपरा

  • पूजन सूर्यास्त से पूर्व करना उत्तम माना जाता है.
  • इस दिन चंद्र दर्शन वर्जित है. यदि अनजाने में हो जाए तो स्वमंतक मणि कथा का श्रवण करना चाहिए.
  • शिव-पार्वती की चांदी, पीतल या मिट्टी की प्रतिमा स्थापित कर पूजा की जाती है.
  • सबसे पहले गणेश पूजन, फिर पंचोपचार, दशोपचार या षोडशोपचार विधि से पूजन करें.
  • पूजन में मिष्ठान्न, फल और सूखे मेवे अर्पित करें.
  • हरितालिका व्रत कथा का श्रवण और रात्रि जागरण का विशेष महत्व है.

सोलह श्रृंगार का महत्व

विवाहित महिलाएं इस दिन सोलह श्रृंगार कर पूजन करती हैं. इस दौरान घर का वातावरण भक्तिमय और पवित्र हो जाता है. पति भी पूजा की तैयारी और खरीदारी में सहयोग करते हैं, जिससे पर्व की भव्यता और बढ़ जाती है.

तीज की तैयारियों से गुलजार बाजार

  • बाजारों में पारंपरिक कपड़े, चूड़ियां, मेहंदी और श्रृंगार की सामग्री की खूब खरीदारी हो रही है.
  • मिठाई की दुकानों पर गुजिया और खोवे की मांग बढ़ गई है.
  • खोवा इन दिनों 400 से 600 रुपये किलो बिक रहा है.
  • महिलाओं में नई साड़ियों की खरीदारी का खास क्रेज देखा जा रहा है.
विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola