Diwali 2025: दिवाली पूजा के बाद लक्ष्मी-गणेश की मिट्टी की मूर्तियों का क्या करें,  विसर्जित करें या घर में रखें? जानें सही नियम

Published by : Neha Kumari Updated At : 21 Oct 2025 3:10 PM

विज्ञापन

AI Image

Diwali 2025: बड़ी दिवाली के दिन आमतौर पर कई लोग घरों में माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की नई मिट्टी की मूर्तियां लाते हैं. ऐसे में पुरानी मिट्टी की मूर्तियों को विधिपूर्वक कैसे हटाना चाहिए और विसर्जन करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, आइए जानते हैं.

विज्ञापन

Diwali 2025: दिवाली के दिन घरों में विधि-विधान से माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है. इस दिन लोग अपने घरों को मोमबत्तियों, दीयों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाते हैं. चूंकि अब बड़ी दिवाली समाप्त हो चुकी है, ऐसे में कई लोगों के मन में यह सवाल आता है कि पूजा के बाद माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्तियों का क्या करना चाहिए. आइए इस आर्टिकल के माध्यम से जानते हैं कि दिवाली के बाद धन की देवी लक्ष्मी और विघ्नविनायक की मूर्तियों का क्या करना उचित होता है.

पूजा के बाद मूर्तियों का क्या करें?

धार्मिक मान्यता के अनुसार, यदि आप चाहें तो पुरानी मूर्तियों को घर पर ही रखकर विधि-विधान से पूजा कर सकते हैं. लेकिन यदि आप हर साल नई मूर्तियों की पूजा करते हैं और पुरानी को पूजा स्थल से हटाते हैं, तो ऐसे में आपको कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए.

  • मूर्तियों को हटाने से पहले उनकी पूजा करें. इसके बाद आप चाहें तो इन मूर्तियों को किसी पवित्र नदी या तालाब में विसर्जित कर सकते हैं.
  • आप चाहें तो इन मूर्तियों को किसी पवित्र और पूजनीय पेड़ या पौधे के पास भी रख सकते हैं.

मूर्तियों को घर से हटाते समय क्या नहीं करना चाहिए?

  • भगवान की मूर्तियों को कभी भी इधर-उधर न फेंकें. ऐसा करना बेहद अशुभ माना जाता है.
  • ध्यान रखें कि मूर्तियों को हटाते समय वे खंडित (टूटी) न हों, इसे शुभ नहीं माना जाता.
  • मूर्तियों को हमेशा स्वच्छ और पवित्र स्थान पर रखें.

इस साल बड़ी दिवाली कब मनाई गई थी?

इस साल बड़ी दिवाली 20 अक्टूबर 2025 को मनाई गई थी.

दिवाली हर साल किस तिथि को मनाई जाती है?

हर साल दिवाली कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है.

दिवाली का पर्व कितने दिनों का होता है?

दिवाली का त्योहार पांच दिनों का होता है. इस दिन माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और भगवान कुबेर की विशेष पूजा की जाती है.

यह भी पढ़ें: Govardhan Puja 2025: इस दिन है गोवर्धन पूजा, जानें पूजा विधि

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.

विज्ञापन
Neha Kumari

लेखक के बारे में

By Neha Kumari

नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola