Dhanteras 2024 Tips: धनतेरस पर जरूर कर लें ये काम, आर्थिक तंगी होगी दूर

Published by : Shaurya Punj Updated At : 25 Oct 2024 8:35 AM

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Dhanteras 2024 Tips: धनतेरस का पर्व धन और समृद्धि का प्रतीक है. इस दिन नई वस्तुओं की खरीदारी को शुभ माना जाता है. यदि आप धनतेरस की पूजा करने का विचार कर रहे हैं, तो कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना आवश्यक है. आइए जानें इस दिन आर्थिक तंगी दूर करने के लिए क्या करना चाहिए.

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Dhanteras 2024 Vastu Tips:  हिंदू धर्म में दिवाली का पर्व अत्यंत उत्साह के साथ मनाया जाता है. इसे पांच दिनों तक चलने वाले उत्सव के रूप में जाना जाता है, जो धनतेरस से प्रारंभ होकर भाई दूज के दिन समाप्त होता है. पंचांग के अनुसार, इस वर्ष धनतेरस का पर्व 29 अक्टूबर 2024, मंगलवार को मनाया जाएगा. इस दिन शुभ मुहूर्त में पूजा और पाठ करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होती है.

लक्ष्मी की प्राप्ति और सुख-शांति, सौभाग्य-समृद्धि के लिए कुछ प्रभावी उपाय यंत्रों के माध्यम से घर में स्वास्थ्य और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए धनतेरस और दीपावली के अवसर पर किए जा सकते हैं.

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अष्टधातु का कछुआ

अष्टधातु का कछुआ रखना अत्यंत शुभ माना जाता है. यदि इस कछुए के ऊपर मेरू श्री यंत्र स्थापित किया गया हो, तो यह विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होता है. यह कछुआ पूरे परिवार की दीर्घायु और करियर के लिए भी अत्यंत शुभ होता है. इसे घर में रखने से यह हमें कई बीमारियों से भी बचाता है. मेरू श्री यंत्र लक्ष्मी की स्थायी प्राप्ति के लिए रखा जाता है, जिससे हमारा रुका हुआ धन भी वापस आ जाता है.

इसे रखने से होगा विशेष लाभ

लघु नारियल का आकार बहुत छोटा होता है और यह हजारों नारियलों में से केवल एक या दो ही मिलते हैं. दीपावली के दिन, लघु नारियल पर चंदन का तिलक करके, एक लक्ष्मी कौड़ी, पांच चिट्ठी कौड़ी और पांच गोमती चक्र के साथ लाल कपड़े में बांधकर दुकान के गले या खजाने में रखने से विशेष लाभ होता है.

स्फटिक और अष्टधातु से निर्मित श्री यंत्र का प्रभाव


सामान्य यंत्रों की तुलना में स्फटिक और अष्टधातु से निर्मित श्री यंत्र का प्रभाव कई हजार गुना अधिक होता है. लक्ष्मी की स्थायी प्राप्ति के लिए धन का आगमन होता है, लेकिन यह रुकता भी है. स्फटिक श्री यंत्र मणि के समान है. अष्टधातु और स्फटिक श्री यंत्र को एक से अधिक स्थानों पर, जैसे घर या प्रतिष्ठान में रखा जा सकता है. इन्हें दुकान के पूजा स्थान, लॉकर या गल्ले में भी स्थापित किया जा सकता है.

इच्छित लक्ष्यों को प्राप्त करने के यंत्र


कुछ यंत्र ऐसे होते हैं जिनके दर्शन मात्र से व्यक्ति अपने इच्छित लक्ष्यों को प्राप्त कर लेता है. इस श्रेणी में श्री संपूर्ण वास्तु यंत्र शामिल है. श्री संपूर्ण वास्तु यंत्र में एक साथ 13 यंत्रों की शक्तियां समाहित हैं, क्योंकि ये तेरह यंत्र 24 कैरेट गोल्ड प्लेटिंग पर यंत्र विधि विधान, वास्तुकला और ज्योतिष विज्ञान के अनुसार तैयार किए गए हैं. यह यंत्र घर में किसी भी प्रकार के वास्तु दोष को दूर कर, कुछ ही दिनों में चमत्कारी प्रभाव उत्पन्न करता है.

क्रिस्टल से निर्मित लोटस है इसलिए विशेष

क्रिस्टल का लोटस लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है. लक्ष्मी की अपार कृपा प्राप्त करने के लिए इसे घर के उत्तर-पूर्व या दक्षिण-पूर्व कोने में रखा जा सकता है. जिस घर में क्रिस्टल का लोटस होता है, वहां लक्ष्मी का वास होता है. यह भी माना जाता है कि लक्ष्मी का निवास स्थान लोटस है. क्रिस्टल से निर्मित लोटस नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है, जिससे लक्ष्मी की स्थायी प्राप्ति के लिए इसे घर या व्यवसाय स्थल पर अवश्य रखना चाहिए.

दीप जलाने का नियम

वास्तु शास्त्र के अनुसार, दीप जलाने का नियम यह है कि दीपक की लौ घर के अंदर या बाहर जलाते समय उत्तर या पूर्व दिशा में होनी चाहिए. यदि दीपक की लौ पूर्व दिशा की ओर जलती है, तो यह धन में वृद्धि करती है. वहीं, यदि लौ पश्चिम दिशा की ओर है, तो यह दुःख में वृद्धि करती है. यदि दीपक की लौ उत्तर दिशा की ओर जलती है, तो यह स्वास्थ्य और समृद्धि को बढ़ावा देती है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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