Chanakya Niti: ये पांच काम करने वाले व्यक्ति हो जाते है दरिद्र, जानें ऐसे लोगों के पास क्यों नहीं आती हैं लक्ष्मी
Author : Radheshyam Kushwaha Published by : Prabhat Khabar Updated At : 26 Jun 2020 7:58 AM
hanakya Niti Hindi: हिंदू धर्म में लक्ष्मी जी को धन की देवी माना गया है. धन की आवश्यकता सभी लोगों को होती है. चाणक्य ने भी व्यक्ति के लिए धन यानि लक्ष्मी को एक बेहद जरूरी बताया है. सभी व्यक्तियों के जीवन में धन का क्या महत्व है इस पर भी आचार्य चाणक्य ने विस्तार से वर्णन किया है. चाणक्य स्वयं श्रेष्ठ अर्थशास्त्री थे ऐसे में वे धन की उपयोगिता और सार्थकता के बारे में भली-भांति जानते थे.
hanakya Niti Hindi: हिंदू धर्म में लक्ष्मी जी को धन की देवी माना गया है. धन की आवश्यकता सभी लोगों को होती है. चाणक्य ने भी व्यक्ति के लिए धन यानि लक्ष्मी को एक बेहद जरूरी बताया है. सभी व्यक्तियों के जीवन में धन का क्या महत्व है इस पर भी आचार्य चाणक्य ने विस्तार से वर्णन किया है. चाणक्य स्वयं श्रेष्ठ अर्थशास्त्री थे ऐसे में वे धन की उपयोगिता और सार्थकता के बारे में भली-भांति जानते थे.
चाणक्य के अनुसार लक्ष्मी की प्राप्ति आसान नहीं है. इसके लिए व्यक्ति को साधना, परिश्रम और अनुशासन को अपनाना पड़ता है, जिस प्रकार से एक योगी पुरुष अपनी तपस्या को पूर्ण करता है. चाणक्य के अनुसार धन की देवी लक्ष्मी ऐसे लोगों के पास जाना पसंद नहीं करती हैं.
लक्ष्मी जी देर तक सोने वाले लोगों से रूष्ठ जाती हैं. शास्त्र में भी कहा गया है कि व्यक्ति को सूर्योदय से पूर्व जाग जाना चाहिए. सूर्यास्तकाल में नहीं सोना चाहिए. अधिक देर तक सोने से व्यक्ति के जीवन में आलस आता है और कार्य क्षमता को प्रभावित करता है.
लक्ष्मी जी स्वच्छता को विशेष वरियता देती हैं. जहां पर साफ सफाई का पूरा ध्यान रखा जाता है. वहीं, गंदगी नहीं होती है और घर, व्यापारिक प्रतिष्ठान और कार्यस्थल पर स्वच्छता का ध्यान रखा जाता है वहां पर लक्ष्मी जी को रहना अच्छा लगता है.
जहां कलह होती है. वहां लक्ष्मी जी को जाना कतई पसंद नहीं है. वहीं जो व्यक्ति गलत बोलता है. दूसरों का अपमान करता है. निंदा करता है. ऐसे लोगों को भी लक्ष्मी जी पसंद नहीं करती हैं.
लोग अपने घर के सफाई कर लेते है, लेकिन वे अपने शरीर पर गंदे वस्त्र पहनते है, उसे लक्ष्मी जी भी नहीं अपनाती. बाहरी सफाई के साथ साथ स्वयं की स्वच्छता का भी पूरा ध्यान रखना चाहिए. क्योंकि जो स्वयं गंदे वस्त्र पहनता है. स्वच्छता को नहीं अपनाता है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Radheshyam Kushwaha
राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










