वैशाख का पहला प्रदोष व्रत कब है? जानें तिथि, मुहूर्त और पूजा विधि
Published by : Neha Kumari Updated At : 05 Apr 2026 11:13 AM
भगवान शिव
April 2026 Pradosh Vrat: क्या इस अप्रैल के महीने में आप भी भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए प्रदोष व्रत करना चाहते हैं? अगर हां, तो जान लीजिए कि व्रत कब रखा जाएगा और इस दिन भगवान शिव की आराधना कैसे करनी चाहिए.
April 2026 Pradosh Vrat: वैशाख माह हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है. स्कंद पुराण में वर्णित है कि वैशाख जैसा पुण्यदायक महीना और कोई नहीं है. पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को अप्रैल का पहला प्रदोष व्रत रखा जाएगा. इस बार यह तिथि 15 अप्रैल 2026, बुधवार को पड़ रही है. बुधवार के दिन होने के कारण इसे ‘बुध प्रदोष’ कहा जाता है. इस दिन भक्त घरों और मंदिरों में भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं. मान्यता है कि इस व्रत को करने से सभी प्रकार के दोषों और पापों से मुक्ति मिलती है. इस दिन शाम के समय सूर्यास्त के बाद पूजा करने का विधान है, जिसे ‘प्रदोष काल’ कहा जाता है.
वैशाख प्रदोष व्रत 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त
- त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 15 अप्रैल 2026, रात 12:12 बजे से
- त्रयोदशी तिथि समाप्त: 15 अप्रैल 2026, रात 10:31 बजे तक
- प्रदोष काल पूजा मुहूर्त: शाम 06:46 बजे से रात 09:02 बजे तक
बुध प्रदोष व्रत का महत्व
शास्त्रों के अनुसार, बुध प्रदोष का व्रत करने से भगवान शिव की कृपा के साथ-साथ बुध ग्रह के शुभ फल भी प्राप्त होते हैं. यह व्रत विशेष रूप से ज्ञान और बुद्धि की प्राप्ति के लिए, तथा व्यापार और करियर में उन्नति के लिए उत्तम माना जाता है.इसके अलावा, यह व्रत संतान सुख और पारिवारिक सुख-शांति के लिए भी लाभकारी माना जाता है.
पूजा विधि
- ब्रह्म मुहूर्त में स्नान: व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें.
- संकल्प: भगवान शिव और माता पार्वती का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें.
- दिन भर का आचरण: पूरे दिन फलाहार कर सकते हैं. तामसिक भोजन और क्रोध से बचें.
- प्रदोष काल पूजन: शाम को सूर्यास्त से पहले पुनः स्नान करें और पूजा की थाली तैयार करें.
- शिव अभिषेक: शिवलिंग पर शुद्ध जल, दूध, दही, शहद और गंगाजल से अभिषेक करें.
- सामग्री अर्पण: महादेव को बेलपत्र, धतूरा, भांग, अक्षत और फल अर्पित करें.
- मंत्र और आरती: भगवान शिव के मंत्रों का जाप करें, प्रदोष व्रत कथा का पाठ करें और अंत में कपूर से आरती करें.
प्रदोष व्रत के नियम
- इस दिन पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए.
- पूजा में तुलसी दल या केतकी के फूलों का प्रयोग न करें.
- शाम की पूजा के बाद ही सात्विक भोजन ग्रहण करें (यदि निराहार नहीं हैं).
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नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.
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