जुलाई में बदलेंगे कई ग्रहों के समीकरण, जानें ग्रह स्थिति, कर्क संक्रांति और शुभ योग

जुलाई ग्रह गोचर 2026
July 2026 Astrology: जुलाई 2026 में ग्रहों की चाल, कर्क संक्रांति, पुष्य नक्षत्र, पंचक, श्रावण मास की शुरुआत और प्रमुख ज्योतिषीय योगों की पूरी जानकारी यहां पढ़ें.
July 2026 Astrology: जुलाई 2026 धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है. इस महीने आषाढ़ और श्रावण मास का संयोग रहेगा, वहीं सूर्य, बुध, शुक्र और शनि जैसे प्रमुख ग्रह अपनी चाल बदलेंगे. कर्क संक्रांति, पुष्य नक्षत्र, पंचक और गुरु-शुक्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण योग भी इस माह बनेंगे, जिनका प्रभाव धार्मिक अनुष्ठानों और शुभ कार्यों पर देखने को मिलेगा.
आषाढ़ से श्रावण मास का संक्रमण
जुलाई का आरंभ आषाढ़ कृष्ण प्रतिपदा से होगा. 15 जुलाई से आषाढ़ शुक्ल पक्ष प्रारंभ होगा, जिसकी पूर्णिमा 29 जुलाई को पड़ेगी. इसके बाद 30 जुलाई से श्रावण मास का शुभारंभ होगा. गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत की अमांत परंपरा के अनुसार इस अवधि को आषाढ़ मास का कृष्ण पक्ष माना जाएगा.
ग्रहों की स्थिति और प्रमुख परिवर्तन
माह की शुरुआत में सूर्य मिथुन राशि में रहेंगे और 17 जुलाई को कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, जिसे कर्क संक्रांति कहा जाता है. बुध कर्क राशि में वक्री होकर बाद में मार्गी होंगे. शुक्र पहले कर्क, फिर सिंह और महीने के अंत में कन्या राशि में प्रवेश करेंगे. शनि मीन राशि में रहते हुए 27 जुलाई से वक्री हो जाएंगे. वहीं गुरु कर्क राशि में, मंगल वृषभ में तथा राहु-केतु क्रमशः कुंभ और सिंह राशि में भ्रमण करेंगे.
पुष्य नक्षत्र और पंचक
जुलाई में 14 जुलाई की रात से 15 जुलाई तक पुष्य नक्षत्र रहेगा, जिसे कई शुभ कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. वहीं 3 से 8 जुलाई तक पंचक रहेगा. इसके अलावा 31 जुलाई से पुनः पंचक शुरू होकर अगले महीने तक जारी रहेगा.
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दिनमान और ऋतु
इस पूरे महीने सूर्य उत्तरायण में रहेंगे और ग्रीष्म ऋतु का प्रभाव बना रहेगा. जुलाई के दौरान दिन धीरे-धीरे छोटे और रातें लंबी होंगी. महीने की शुरुआत में दिन लगभग 13 घंटे 34 मिनट का होगा, जबकि महीने के अंत तक इसकी अवधि घटकर लगभग 13 घंटे 12 मिनट रह जाएगी.
धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण महीना
जुलाई 2026 में ग्रहों के राशि परिवर्तन, कर्क संक्रांति, पुष्य नक्षत्र और श्रावण मास की शुरुआत के कारण पूजा-पाठ, दान, जप और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व रहेगा. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस महीने शुभ मुहूर्तों और ग्रहों की चाल का ध्यान रखकर किए गए कार्य अधिक फलदायी माने जाते हैं.
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By Shaurya Punj
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