Jharkhand Winter Session : झारखंड विधानसभा सोमवार तक के लिए स्थगित, सदन में छाया रहा JPSC का मुद्दा
झारखंड शीतकालीन सत्र live : विधानसभा में विपक्षी दल जेपीएससी बिजली और बोरोजगारी के मुद्दे पर हमलावर हैं. वे अध्यक्ष को बर्खास्त करने की मांग कर रहे हैं. इससे पहले बीजेपी विधायक धरने पर बैठे थे और सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे.
झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र सोमवार तक के लिए स्थगित
झारखंड विधानसभा का सत्र सौमवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है. आज का पूरा दिन हंगामा के भेंट चढ़ गया. पूरे दिन सदन में जेपीएससी का मुद्दा छाया रहा. विपक्ष जेपीएससी के मुद्दे के साथ साथ बेरोजगारी और बिजली के मुद्दे पर सरकार पर हमलावर रहा.
भानु प्रताप शाही ने उठाया जेपीएससी में धांधली का मुद्दा
पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही ने जेपीएससी में धांधली का मुद्दा उठाया, उन्होंने कहा कि परीक्षा में भारी गड़बड़ी हुई है, इसलिए पीटी परीक्षा को तुरंत रद्द कर सीबीआई को जांच के लिए सौंपना चाहिए.
बिजली और बेरोजगारी को लेकर भी भाजपा हमलावर
भाजपा विधायक बेरोजगारी और बिजली को लेकर भी सत्ता पक्ष पर हमलावर और इसे लेकर भी विपक्षी विधायक धरने पर बैठे हैं. विधायकों की ये भी मांग है कि कोडरमा और हजारीबाग जिले डीवीसी द्वारा 24 घंटे बिजली मिले. साथ ही साथ डीवीसी द्वारा लोड सेडिंग भी बंद करने की माग की जा रही है.
पिछड़ी जातियों को मिलेगा 27 प्रतिशत आरक्षण
झारखंड में पिछड़ी जातियों को भी 27 प्रतिशत आरक्षण देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. मॉनसून सत्र में जब ये सवाल उठा तो सरकार ने आश्वासन दिया कि जो जातियां सूची में छूट गयी हैं, उन्हें सूचीबद्ध किया जायेगा और इसके समीति का गठन भी जल्द कर लिया जाएगा.
लखीमपुर कांड पर भी सीएम हेमंत ने रखी थी बात
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी द्वारा लखीमपुर खीरी कांड मामले में जेल में बंद बेटे से जुड़े सवाल पर आपा खोने के मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि मीडिया के माध्यम से सारे निर्णय हो रहे हैं. मंत्री जी से पूछना चाहिए कि उनकी क्या नैतिकता बनती है? प्रधानमंत्री जी से भी पूछना चाहिए कि ऐसे हालात में निर्णय किसको लेना है?
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्रीय मंत्रियों के उस बयान पर तंज कसते हुए कहा कि अगर यह मामला कोर्ट में है तो क्या उनकी बर्खास्तगी का फैसला कोर्ट करेगी या फिर केंद्र सरकार? उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण में जो आचरण दिखा है वह सर्वविदित है. इससे आपको भी तकलीफ है और हमें भी. यही वजह है कि आज यह सवाल आकर खड़ा हो रहा है . लेकिन आखिरकार सत्ताधारी दल को ही इस विषय पर निर्णय लेना है.
सीएम ने कहा था विपक्ष सही सवाल पूछे तो मिलेगा जवाब
शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन सदन के बाहर विपक्ष के रवैये पर सीएम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सदन में यह इस बात पर निर्भर करता है कि विपक्ष का सवाल कितना निष्पक्ष और गंभीर है. विपक्ष की तरफ से अगर सही सवाल आएगा तो सरकार जरूर सही जवाब देगी.
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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