संवैधानिक संस्था का दुरुपयोग कर झारखंड में बनाया जा रहा अव्यवस्था का माहौल, झामुमो का भाजपा व केंद्र पर हमला

झामुमो के महासचिव और मुख्य प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने सोमवार (29 जनवरी) को दोपहर में प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. इसमें कहा कि सुबह से माहौल बिगाड़ने की कोशिश हो रही है. उन्होंने ईडी की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया है.
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम के पहुंचने से झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और प्रदेश में सत्तारूढ़ गठबंधन के नेता नाराज हैं. झामुमो ने ईडी की कार्रवाई को माहौल बिगाड़ने की कोशिश करार दिया है. झामुमो के महासचिव और मुख्य प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने सोमवार (29 जनवरी) को दोपहर में प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. इसमें कहा कि सुबह से माहौल बिगाड़ने की कोशिश हो रही है. उन्होंने ईडी की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया है. उन्होंने हेमंत सोरेन के दिल्ली आवास पर ईडी की टीम के जाने को अलोकतांत्रिक बताया है.
झामुमो प्रवक्ता ने कहा है कि जब मुख्यमंत्री को 31 जनवरी तक का समय दिया गया था, तो उसके पहले दिल्ली स्थित उनके आवास पर जाने का क्या औचित्य था. मुख्यमंत्री ने ईडी को कह दिया है कि वे पूछताछ के लिए 31 जनवरी को मुख्यमंत्री आवास आ सकते हैं. ऐसे में उसकी यह कार्रवाई उचित नहीं है. सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि संवैधानिक संस्थानों का दुरुपयोग करते हुए झारखंड में अव्यवस्था का माहौल बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जब से आदिवासी युवा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड में सरकार बनी है, तब से भाजपा और केंद्र सरकार येन-केन-प्रकारेण इस सरकार को गिराने के प्रयास कर रही है. इसके लिए तरह-तरह के षड्यंत्र रचे जा रहे हैं. राजनीतिक प्रयासों से जब भाजपा इस सरकार का कुछ नहीं बिगाड़ पाई, तो अब संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग हो रहा है.
Also Read: हेमंत सोरेन ने ईडी को 31 जनवरी को एक बजे सीएम आवास बुलाया
उन्होंने कहा कि 20 जनवरी 2024 को ईडी के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री से सात घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की. हेमंत सोरेन ने सभी सवालों के जवाब दिए. डेढ़ महीने में हेमंत सोरेन ने कई बार ईडी कार्यालय को पत्र लिखे. सुप्रियो भट्टाचार्य ने पूछा कि एक चुने हुए मुख्यमंत्री से पूछताछ के नाम पर ईडी के अधिकारी कितना समय चाहते हैं? उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को प्रशासनिक और राजनीतिक दायित्वों का निर्वहन करना होता है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने ईडी को सूचित किया है कि वह 31 जनवरी को दोपहर एक बजे पूछताछ के लिए उपलब्ध रहेंगे. फिर भी ईडी की टीम दिल्ली में उनके आवास पर पहुंच गई.
Also Read: ईडी ने आज सीएम हेमंत सोरेन को बुलाया है पूछताछ के लिए, लेकिन पलामू दौरे पर जायेंगे मुख्यमंत्री
झामुमो प्रवक्ता ने दावा किया कि ईडी के अधिकारी सैकड़ों जवानों के साथ सुबह-सुबह सीएम के दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर पहुंच गई, जो विधिसम्मत प्रतीत नहीं होता. उन्होंने पूछा कि ऐसी क्या जल्दबाजी थी कि ईडी के अधिकारी पूछताछ के लिए दो दिन का इंतजार नहीं कर सकते थे. वह भी तब, जब एक सप्ताह पहले ही सात घंटे तक उनसे पूछताछ कर चुकी है. सुप्रियो भट्टाचार्य ने पूछा कि क्या ईडी जैसी संवैधानिक संस्थाएं भाजपा के हाथ की कठपुतली बनकर रह गईं हैं. क्या इन एजेंसियों के जरिये अब राज्यों में सरकारें बनाई और गिराई जाएंगी. क्या अब देश के मुख्यमंत्रियों को अपनी-अपनी सीमाओं तक ही सीमित रहना होगा? क्या देश की राजधानी में जाने पर मुख्यमंत्रियों के साथ केंद्र सरकार कुछ भी कर सकती है?
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




