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झारखंड के सरकारी स्कूलों में जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा की होगी पढ़ाई, ये है हेमंत सरकार का प्लान

Updated at : 18 Sep 2021 9:49 AM (IST)
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झारखंड के सरकारी स्कूलों में जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा की होगी पढ़ाई, ये है हेमंत सरकार का प्लान

झारखंड के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के अनुसार जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं में हो, मुंडारी, खड़िया, कुड़ुख, संताली, नागपुरी, पंचपरगनिया, कुरमाली और खोरठा की पढ़ाई पर जोर दिया जा रहा है. इस दिशा में विभाग तेजी से कार्य कर रहा है.

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Jharkhand News, रांची न्यूज : झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार सरकारी स्कूलों में जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाई शुरू करने की तैयारी में जुटी है. इसके लिए सभी जिलों से जनजातीय और क्षेत्रीय भाषा की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों की जानकारी मांगी गयी है, ताकि उसके अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति की जा सके. आपको बता दें कि सरकार जनजातीय और क्षेत्रीय भाषा के विशेषज्ञ शिक्षकों की भी नियुक्ति करेगी.

झारखंड के सरकारी स्कूलों में जनजातीय और क्षेत्रीय भाषा की पढ़ाई शुरू होगी. किसी एक जनजातीय या क्षेत्रीय भाषा पढ़ने वाले 50 फीसदी से ज्यादा बच्चे होंगे, वहां इससे संबंधित भाषा की पढ़ाई होगी, वह भी मातृभाषा में होगी. झारखंड के स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा इसकी तैयारी की जा रही है. सभी जिलों से इस बाबत रिपोर्ट मांगी गयी है कि कहां किस जनजातीय भाषा के छात्र अधिक हैं और किन स्कूलों में किस जनजातीय भाषा के कितने प्रतिशत विद्यार्थी हैं.

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झारखंड के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के अनुसार जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं में हो, मुंडारी, खड़िया, कुड़ुख, संताली, नागपुरी, पंचपरगनिया, कुरमाली और खोरठा की पढ़ाई पर जोर दिया जा रहा है. इस दिशा में विभाग तेजी से कार्य कर रहा है. इसीलिए जिलों से जानकारी मांगी गयी है, ताकि उसके अनुसार रणनीति बनायी जा सके.

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आपको बता दें कि झारखंड के संथाल परगना प्रमंडल के कई स्कूलों में संताली भाषा की ओलचिकी लिपि में पढ़ाई करायी जा रही है. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा इस बाबत पाठ्यपुस्तक भी छपवाए गए हैं. इससे विद्यार्थियों को ओलचिकी लिपि में पढ़ाया जा रहा है. इसी तरह कुछ जगहों पर हो, मुंडारी, खड़िया एवं कुरुख भाषा में भी पढ़ाई शुरू की गई है. जनजातीय और क्षेत्रीय भाषा के विशेषज्ञ शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी. राज्य सरकार की नई शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया के तहत जनजातियों और क्षेत्रीय भाषा के शिक्षक भी नियुक्त होंगे. इससे पहले जिलावार ऐसे शिक्षकों की लिस्ट तैयार की जायेगी और उसी के अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति की जायेगी.

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Posted By : Guru Swarup Mishra

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