ये काम नहीं हुआ तो झारखंड में कभी भी हो सकती है बड़ी दुर्घटना, कांची में पर बने पुल का अस्तित्व खतरे में

Updated at : 05 Jun 2023 9:31 AM (IST)
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ये काम नहीं हुआ तो झारखंड में कभी भी हो सकती है बड़ी दुर्घटना, कांची में पर बने पुल का अस्तित्व खतरे में

शनिवार को आम लोगों की शिकायत के बाद पुल का निरीक्षण करने पहुंचे सांसद संजय सेठ ने रांची के उपायुक्त को पूरी परिस्थिति की जानकारी दी. इसके बाद उपायुक्त ने यहां बालू उठाव रोकने का आदेश दिया.

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बालू के अवैध उत्खनन से सोनाहातू के कांची नदी पर बने हारिण घाट पुल का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है. बालू माफियाओं ने पुल के पिलर के नीचे से ही बालू निकाल लिया है. इस कारण पिलर का छड़ तक दिखने लगा है. वहीं पुल का एक हिस्सा दब गया है. जल्द ही बालू के उत्खनन पर रोक नहीं लगायी गयी तो कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है. प्रखंड क्षेत्र के सात पंचायत की लगभग 60 हजार की आबादी हर दिन जान जोखिम में डालकर इस पुल से होकर प्रखंड मुख्यालय आते और जाते हैं.

क्षतिग्रस्त पुल पर भारी वाहन भी बेरोक-टोक चलाये जा रहे हैं. शनिवार को आम लोगों की शिकायत के बाद पुल का निरीक्षण करने पहुंचे सांसद संजय सेठ ने रांची के उपायुक्त को पूरी परिस्थिति की जानकारी दी. इसके बाद उपायुक्त ने यहां बालू उठाव रोकने का आदेश दिया. ग्रामीण और पंचायत प्रतिनिधि पुल के ऊपर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं. साथ ही अवैध बालू खनन पर रोक की भी मांग कर रहे हैं.

पांच करोड़ की लागत से 2007 में बना था पुल :

सोनाहातू-मिलन चौक ईचागढ़ पथ में कांची नदी पर उच्चस्तरीय पुल के निर्माण कार्य का शिलान्यास वर्ष 2004 में तत्कालीन गृह मंत्री सुदेश कुमार महतो ने किया था. इसकी लागत लगभग पांच करोड़ थी. यह पुल वर्ष 2007 में बनकर तैयार हो गया था. लेकिन पुल के बीचोंबीच व आसपास धड़ल्ले से बालू खनन व भारी वाहनों के आवागमन कारण उक्त पुल का एक स्पैन दब गया. फिर भी इस पर गाड़ियों का आवागमन नहीं रोका गया है. यह पुल सोनाहातू का लाइफ लाइन माना जाता है.

ये पुल भी हो गये हैं कमजोर :

इसके अलावा सिल्ली-सोनाहातू-रांगामाटी पथ पर राढ़ू नदी झाबरी घाट व कांची नदी पर जिंतुडीह घाट पर बना उच्च स्तरीय पुल भी क्षतिग्रस्त हैं, जो कभी भी धंस सकता है. इस पुल पर आवागमन रोक देना चाहिए, पर विभाग द्वारा पुल से भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित है, इससे संबंधित बोर्ड लगा कर खानापूर्ति की जा रही है.

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