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भूमिगत होगी हाइटेंशन तार, वोल्टेज समस्या दूर होने के साथ-साथ होंगे ये फायदे

Updated at : 28 Jul 2020 2:55 AM (IST)
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भूमिगत होगी हाइटेंशन तार, वोल्टेज समस्या दूर होने के साथ-साथ होंगे ये फायदे

राजधानी में बिजली के हाइटेंशन तारों को भूमिगत किया जायेगा. केबल बिछाने के लिए रांची सर्किल ने सभी छह डिवीजन को कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया है. इस योजना की प्राथमिक रिपोर्ट तैयार कर ली गयी है.

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रांची : राजधानी में बिजली के हाइटेंशन तारों को भूमिगत किया जायेगा. केबल बिछाने के लिए रांची सर्किल ने सभी छह डिवीजन को कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया है. इस योजना की प्राथमिक रिपोर्ट तैयार कर ली गयी है. जल्द ही इसे डीपीआर में शामिल कर लिया जायेगा. संभावना है कि दो हफ्तों में रिपोर्ट विभाग को सौंप दिया जायेगा.

राजधानी में करीब 1350 किलोमीटर बिजली के हाइटेंशन ओवरहेडेड तारों का जाल बिछा है. इसमें 350 किलोमीटर 33 केवी व 1000 किलोमीटर 11 हजार वोल्ट की तारें हैं. अभी बिरसा चौक, हिनू, मेकन, सुजाता चौक, मेन रोड, सिरमटोली, कांटाटोली से लेकर बूटी मोड़ तक के तारों को जमीन के अंदर डाला जा रहा है. राजधानी में मेसर्स पॉलिकैब ने 120 किलोमीटर तारों को आरएपीडीआरपी पार्ट बी के तहत अंडरग्राउंड करने का काम किया है.

झारखंड शहरी संपूर्ण विद्युत आच्छादन (जसबे टू) योजना के तहत मेसर्स केइआइ कंपनी 364.28 करोड़ रुपये की लागत से 350 केएम तार को अंडरग्राउंड करने में जुटी है. तीसरे चरण में करीब 898 किलोमीटर इनकमिंग 33 केवी और 11 केवी आउटगोइंग हाइटेंशन केबल को अंडरग्राउंड करने का काम पूरा किया जायेगा.

क्या होंगे फायदे

  • दूर होगी लो वोल्टेज की समस्या

  • केबलिंग से बिजली की चोरी रुकेगी

  • बिजली का लाइन लॉस खत्म होगा

  • नंगा तार हटने से करंट लगने का खतरा नहीं होगा

  • आंधी-तूफान व बारिश में पावर कट से निजात मिलेगी

डिवीजन हाइटेंशन केबल लेंथ (किमी में)

  • न्यू कैपिटल 89केएम 11 केवी, 40 केएम 33 केवी

  • रांची सेंट्रल 160 केएम 11 केवी

  • कोकर 155 केएम 11 केवी

  • डोरंडा 300 केएम 11 केवी, 31 केएम 33 केवी

  • रांची इस्ट 30 केएम 11 केवी, 20 केएम 33 केवी

  • रांची बेस्ट 73 केएम 11 केवी, 22 केएम 33 केवी

अभी जर्जर हो चुके ओवर हेडेड वायर के सहारे राजधानी की बिजली व्यवस्था है. यह योजना 24 घंटे बिजली देने के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है. इससे तारों के किसी भी मौसम में क्षतिग्रस्त होने की समस्या खत्म हो जायेगी.

पीके श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता, विद्युत आपूर्ति प्रक्षेत्र, रांची

Post by : Pritish Sahay

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