अपराध के खिलाफ कार्रवाई में राजस्थान पूरे देश में टॉप पर, जानें क्या बोले सीएम अशोक गहलोत
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 25 Aug 2023 8:03 PM
महिला अत्याचार प्रकरणों में 45.2 प्रतिशत सजा दर के साथ राजस्थान देश का अग्रणी राज्य है. महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने के लिए ऑपरेशन गरिमा चलायाजा रहा है. जानें क्या बोले सीएम अशोक गहलोत
राजस्थान में इस साल विधानसभा चुनाव होना है इससे पहले बीजेपी प्रदेश की गहलोत सरकार को अपराध के मामले में लगातार घेरती नजर आ रही है. बीजेपी के हमले का मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को जवाब दिया. उन्होंने कहा कि अपराधों के खिलाफ कार्रवाई (रेस्पॉन्स टाइम) में राजस्थान पूरे देश में टॉप पर है. सरकार के नवाचारों से राज्य में अपराधों पर नियंत्रण हुआ है और फरियादी को राहत मिली है.
सीएम गहलोत ने कहा कि बीजेपी और उसके नेता इस मुद्दे पर राजस्थान को पूरे देश में बदनाम कर रहे हैं, जबकि हकीकत दूसरी है. गहलोत ने पुलिस मुख्यालय में एक बैठक की और पुलिस विभाग की समीक्षा की. इसके बाद उन्होंने कहा कि मिशन-2030 के तहत वर्ष 2030 तक के लिए पुलिस विभाग का रोडमैप तैयार किया जाएगा.
गहलोत सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, पुलिस मुख्यालय में हुई बैठक में बताया गया कि अपराध के मामलों में लगने वाले औसत समय में निरंतर कमी आ रही है. इसमें कहा गया कि दुष्कर्म के मामलों में औसत अनुसंधान समय वर्ष 2017 में 208 दिन से घटकर अब 59 दिन रह गया है. अनुसूचित जाति-जनजाति (अजा-जजा) मामलों में यह वर्ष 2019 में 128 दिन से घटकर अब 65 दिन रह गया है.
फरियादी को न्याय मिले
बयान में कहा गया कि महिला अत्याचार प्रकरणों में 45.2 प्रतिशत सजा दर के साथ राजस्थान देश का अग्रणी राज्य है. महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने के लिए ऑपरेशन गरिमा चलायाजा रहा है. इस तरह के अवांछित कृत्य करने वालों के विरुद्ध चालान होने पर उनके चरित्र सत्यापन में इसका उल्लेख किया जाएगा. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेश में साम्प्रदायिक सौहार्द्र को बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सोशल मीडिया पर विशेष ध्यान देकर नफरती तथा हिंसात्मक सामग्री की विशेष निगरानी की जाए. उन्होंने कहा कि राजस्थान में अब थाने में प्राथमिकी दर्ज करना जरूरी है. उन्होंने कहा कि इससे प्राथमिकी की संख्या बढ़ेगी, लेकिन इसकी उन्हें चिंता नहीं है और वह चाहते हैं कि फरियादी को न्याय मिले.
अपराध में वृद्धि व अपराध पंजीकरण में वृद्धि, दोनों में अंतर है
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के हवाले से सीएम गहलोत ने कहा कि अपराध में वृद्धि व अपराध पंजीकरण में वृद्धि, दोनों में अंतर है. आगे गहलोत ने कहा कि कुछ लोग इन दोनों को एक मानने की गलती कर लेते हैं. विपक्षी दलों के लोग यह गलती जानबूझकर कर रहे हैं. केंद्र में जो सरकार बैठी है उनकी पार्टी के ये लोग हैं, इन्हें मालूम है कि अपराध व अपराध पंजीकरण में वृद्धि में फर्क है. ये जानबूझकर गुमराह कर रहे हैं, राजस्थान को पूरे देश में बदनाम कर रहे हैं, जबकि हकीकत दूसरी है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान शांतिप्रिय राज्य है जहां अनिवार्य पंजीकरण लागू किए जाने के कारण दर्ज मामलों की संख्या बढ़ी, लेकिन कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार हुआ है. गहलोत ने कहा कि राजस्थान पुलिस चाकचौबंद है और कोई भी घटना होने पर तत्काल कार्रवाई की जाती है. अपराधियों को चेताते हुए उन्होंने कहा कि अपराधी या तो अपराध छोड़ें या राजस्थान छोड़ें.
विपक्ष के लोग फैला रहे हैं अफवाह
गहलोत ने राजस्थान में अपराध व उन पर कार्रवाई संबंधी आंकड़ों की अन्य राज्यों के आंकड़ों से तुलना करते हुए कहा कि विपक्ष के लोग जिस तरह से अफवाह फैला रहे हैं, उससे वह पूरी तरह बेनकाब हो जाते हैं. उन्होंने कहा कि इनके केंद्रीय नेता, केंद्रीय मंत्री और प्रधानमंत्री भी राजस्थान को बदनाम करने से नहीं चूकते. कहां मणिपुर … उस राज्य से प्रधानमंत्री ने राजस्थान व छत्तीसगढ़ की तुलना की. उन्होंने कहा कि देश में चिंताजनक स्थिति बनी हुई. संविधान की धज्जियां उड़ रही हैं और लोकतंत्र खतरे में है. सीएम ने कहा कि जहां चुनाव होने होते हैं वहां प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग चले जाते हैं.
फर्जी मुठभेड़ और असली मुठभेड़ में रात-दिन का फर्क होता है
एक सवाल के जवाब में सीएम गहलोत ने कहा कि फर्जी मुठभेड़ और असली मुठभेड़ में रात-दिन का फर्क होता है. जहां मुठभेड़ की जरूरत होती है वहां पुलिस चूकती नहीं और न ही चूकना चाहिए. राजस्थान में फर्जी मुठभेड़ का रिवाज नहीं है और ना हम चाहते हैं कि ऐसा रिवाज शुरू हो. राज्य में एक बार फिर कांग्रेस की सरकार बनने का विश्वास जताते हुए गहलोत ने कहा कि राजस्थान का माहौल देखकर लगता है कि इस बार कांग्रेस दोबारा विजय हासिल करेगी और इसकी सरकार बरकरार रहेगी.
भाषा इनपुट के साथ
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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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