अतीक अहमद और अशरफ की सजा पर आएगा फैसला, उमेश पाल अपहरण केस में हैं आरोपी, जानें पूरा मामला...

प्रयागराज में वर्ष 2006 में उमेश पाल अपहरण मामले में अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ समेत नौ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी. तब से कोर्ट में यह मामला चल रहा है. उमेश पाल की याचिका पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कुछ महीने पहले मामले का ट्रायल जल्दी पूरा करने का निर्देश दिया था.
Prayagraj: उमेश पाल हत्याकांड के जिस मामले के बाद अतीक अहमद और उसके परिवार की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं, उसी से संबंधित अपहरण कांड में मंगलवार को एमपी-एमएलए कोर्ट फैसला सुनाएगी. इस केस को लेकर अतीक को एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश किया जाना है. विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने साबरमती जेल अधीक्षक के लिए प्रोडक्शन वारंट जारी कर अतीक अहमद को 28 मार्च को अदालत में पेश करने का आदेश दिया. इसी के मद्देनजर यूपी पुलिस अतीक को साबरमती जेल से आज यहां लाकर पहुंचेगी.
पूर्व बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड के गवाह रहे उमेश पाल अपहरण कांड की सुनवाई विगत 17 मार्च को स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट में को पूरी हो गई थी. दरअसल, राजू पाल हत्याकांड के अगले साल 28 फरवरी 2006 को उमेश पाल का अपहरण कर अतीक अहमद के कर्बला स्थित कार्यालय ले जाया गया था.
आरोप है कि अतीक और उसके भाई अशरफ ने राजू पाल मर्डर केस में गवाही बदलने के लिए उमेश पाल पर खूब दबाव डाला. इसके दूसरे दिन एक मार्च 2006 को अदालत में ले जाकर अपने पक्ष में गवाही दर्ज करा ली थी. तब प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी. आरोप है कि उमेश पाल की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर नहीं लिखी. इसके बाद मई 2007 में बसपा सरकार बनने पर उमेश पाल की तहरीर पर धूमनगंज थाने में अतीक और अशरफ के खिलाफ अपहरण कर गवाही बदलने के लिए धमकाने की एफआईआर दर्ज की गई.
खास बात है कि 24 फरवरी, 2023 को उमेश पाल अपने अपहरण मामले की अंतिम सुनवाई में शामिल होने सत्र न्यायालय गए थे. विरोधी पक्ष की बहस पूरी नहीं होने के कारण कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 27 फरवरी तय कर दी थी. इसके बाद वह अपनी कार से घर की ओर रवाना हुए. उमेश जैसे ही अपने घर पहुंचे, पीछे से आए अतीक के गुर्गों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर उनकी हत्या कर दी.
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वर्ष 2006 में उमेश पाल अपहरण मामले में अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ समेत नौ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी. तब से कोर्ट में यह मामला चल रहा है. उमेश पाल की याचिका पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कुछ महीने पहले मामले का ट्रायल जल्दी पूरा करने का निर्देश दिया था. अतीक जहां साबरमती जेल में है, वहीं उसका भाई अशरफ बरेली कारागार में है. अशरफ को भी कोर्ट में पेश किया जाएगा. प्रयागराज पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा के मुताबिक कोर्ट के आदेश पर सभी अभियुक्तों को विधिक प्रक्रिया के तहत पेश किया जाएगा है. इसके बाद फिर वापस उन्हें जेल भेज दिया जाएगा.
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लेखक के बारे में
By Sanjay Singh
working in media since 2003. specialization in political stories, documentary script, feature writing.
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