मिर्च के शहर से निकला मिर्च सा तेज युवा खिलाड़ी शेख रशीद, धोनी ने जुनून को पहचान किया विश्वास

Published by : Rajneesh Anand Updated At : 15 Apr 2025 2:36 PM

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शेख रशीद और महेंद्र सिंह धोनी

Shaik Rasheed : शेख रशीद, 20 साल का घुंघराले बालों वाला लड़का. आंखों में क्रिकेट के प्रति जुनून और गले में सिल्वर की चेन पहने जब वो चेन्नई सुपर किंग्स की पारी की शुरुआत करने इकाना स्टेडियम में उतरा, तो सबके मन में यही सवाल था, कौन है ये शेख रशीद जिस पर कैप्टन कूल धोनी ने किया है भरोसा. आंध्र प्रदेश गुंटूर का रहने वाला शेख रशीद अंडर 19 क्रिकेट में भारत का उपकप्तान रहा है और क्रिकेट के प्रति उसकी दीवानगी इस कदर है कि वह प्रतिदिन 40 किलोमीटर की यात्रा तय कर कोचिंग के लिए आता था.

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Shaik Rasheed : चेन्नई सुपर किंग्स को आईपीएल 2025 में लगातार पांचवीं हार के बाद जीत नसीब हुई है. टीम जब 14 अप्रैल को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में उतरी तो रचिन रविंद्र के साथ चेन्नई की पारी की शुरुआत युवा खिलाड़ी शेख रशीद ने की. शेख रशीद अपना डेब्यू मैच खेल रहे थे और छोटी सी पारी में उन्होंने 19 गेंद में 27 रन बनाएं, जिसमें छह चौका शामिल था. आंध्र प्रदेश का यह युवा खिलाड़ी अपनी पारी के साथ चर्चा में है और अबतक इसके बारे में जानने की इच्छा करने वालों की संख्या 10 लाख से अधिक हो गई है. गूगल के टॉप ट्रेंड में वह नंबर एक पर बना हुआ है.

कौन है शेख रशीद?

शेख रशीद पर चयनकर्ताओं की नजर तब गई थी जब उसने अंडर 19 क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया था और टीम के उप-कप्तान भी रहे. शेख रशीद ने अंडर19 विश्वकप के सेमीफाइनल और फाइनल में बेहतरीन प्रदर्शन किया, जिसकी वजह से टीम जीती. सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शेख रशीद ने 94 रन बनाए थे, जबकि फाइनल में 50 रन का योगदान दिया था और टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में शेख रशीद का जन्म हुआ है. गुंटूर पूरे देश में मिर्च और कपास के लिए प्रसिद्ध है. अंडर 19 के अलावा शेख रशीद का बल्ला रणजी ट्रॉफी में भी चला और शेख रशीद ने दोहरा शतक जड़ा.

चेन्नई सुपर किंग्स ने 30 लाख में है खरीदा

अंडर 19 और रणजी ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन के बाद शेख रशीद को आईपीएल में मौका मिला और 2024 में चेन्नई की टीम ने रशीद को 20 लाख के बेस प्राइस पर खरीदा, उसके बाद रशीद को 30 लाख देकर टीम में रखा गया. लखनऊ सुपर जायंट्‌स के खिलाफ लखनऊ में शेख रशीद को मौका मिला और उन्होंने संतोषजनक प्रदर्शन किया. चेन्नई की पारी की शुरुआत करने की वजह से रशीद के नाम की चर्चा जोरों पर है.

क्या है शेख रशीद की खासियत

महेंद्र सिंह धोनी ने शेख रशीद को पारी की शुरुआत करने का मौका दिया, जो यह साबित करता है कि कैप्टन कूल को रशीद पर भरोसा है. रशीद की बैटिंग बहुत क्लास की मानी जाती है, जिसमें वे शानदार खेल दिखाते हैं. उनके पास बैटिंग की शानदार तकनीक है और वे काफी कूल रहकर अपनी बैटिंग करते हैं. शेख रशीद एक आम मध्यमवर्गीय परिवार से हैं और उनके पिता ने उन्हें निखारने के लिए काफी मेहनत की है. शेख रशीद के पिता प्रतिदिन 40 किलोमीटर की दूरी तय करके उन्हें क्रिकेट की कोचिंग दिलाने लाते थे. आईपीएल में अपने डेब्यू से शेख रशीद बहुत खुश हैं और कहा है कि वे अच्छा खेल रहे थे, पर एक गलती हो गई है, आगे के मैचों में वे कोशिश करेंगे कि वे गलतियां ना हों.

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लेखक के बारे में

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रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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