Earthquake: उत्तरकाशी में भूकंप के झटके, यहीं सुरंग में फंसे हैं 40 मजदूर
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 16 Nov 2023 7:36 AM
**EDS: GRAB VIA PTI VIDEO** Uttarkashi: Security forces personnel guard as rescue work continues after a portion of an under construction tunnel between Silkyara and Dandalgaon on the Brahmakhal-Yamunotri national highway collapsed, in Uttarkashi district, Wednesday, Nov. 15, 2023. (PTI Photo) (PTI11_15_2023_000006B)
सुरंग में फंसे सभी मजदूर सुरक्षित हैं और उन्हें पाइप के जरिए लगातार ऑक्सीजन, पानी, सूखे मेवे सहित अन्य खाद्य सामग्री, बिजली, दवाइयां आदि पहुंचाई जा रही है. देखें कुछ खास तस्वीरें

यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग के एक हिस्से के ढहने के बाद से वहां 40 मजदूर फंसे हुए हैं. रविवार सुबह हुए हादसे के बाद से वहां राहत बचाव कार्य जारी है. मजदूरों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, लेकिन चार दिन के बाद भी मजदूरों को सुरंग के बाहर लाने में सफलता नहीं मिली है.

इस बीच खबर है कि गुरुवार सुबह उत्तराखंड के उत्तरकाशी में भूकंप के झटके महसूस किये गये. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.1 मापी गई. आपको बता दें कि यहीं सुरंग के अंदर मजदूर फंसे हुए हैं.

सिलक्यारा सुरंग में मजदूर एंट्री प्वॉइंट से करीब 200 मीटर अंदर फंसे हैं जिनसे वॉकी-टॉकी की मदद से बातचीत की जा रही है. सुरंग में फंसे मजदूरों में बिहार, झारखंड और यूपी के मजदूर भी हैं. एक अधिकारी ने बताया कि खाने पीने को सामान अंदर भेजा जा रहा है. सुरंग के अंदर बिजली है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जहां मजदूर फंसे हैं, वहां ठीक उनके आगे 50 मीटर से ज्यादा मलबा पड़ा है. रेस्क्यू टीम को इस बात से दिक्कत हो रही है कि सुरंग का ये हिस्सा बेहद कमजोर है. जैसे ही मलबा हटाने की कोशिश होती है, मलबा फिर से सुरंग में गिर जाता है. मजदूरों को पाइप के जरिए ऑक्सीजन, पानी, खाना, दवाई भेजने का काम जारी है.
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मजदूरों को निकालने की हर संभव कोशिश अब तक नाकाम साबित हुई है. लेकिन उम्मीद की जा रही है कि गुरुवार को रेस्क्यू टीम को सफलता हाथ लग सकती है. बचाव अभियान को बुधवार को उस समय झटका लगा, जब एस्केप टनल बनाने के लिए शुरू की गयी ड्रिलिंग को ताजा भूस्खलन की वजह से रोकना पड़ा.

सुरंग के अंदर फंसे 40 मजदूरों को बाहर निकालने के प्रयासों में भूस्खलन और तकनीकी कारणों से पड़ी अड़चन के बाद दिल्ली से विमानों के जरिए एक भारी ऑगर मशीन चिन्यालीसौड़ लायी गयी.
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इस बीच पिछले चार दिनों से अधिक समय से फंसे मजदूरों के परिजन अब अपना धैर्य खोते नजर आ रहे हैं. मजदूरों को बाहर निकालने के प्रयासों में हो रही देरी के विरोध में उनके परिजनों ने निर्माणाधीन सुरंग के बाहर विरोध प्रदर्शन किया.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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