दिल्ली में जहरीली हवा से मिलेगी राहत! उत्तर-पश्चिम हवा से कम होगा प्रदूषण, पराली जलाने पर भी रोक

Published by : Pritish Sahay Updated At : 07 Nov 2023 7:26 PM

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Gurugram: Smoke emanating from burning garbage adds to the air pollution, in Gurugram, Thursday, Nov. 2, 2023. Amid a surge in farm fires and unfavourable weather conditions, scientists have warned of a spike in the pollution levels in the Delhi-NCR region in the next two weeks. (PTI Photo) (PTI11_02_2023_000106A)

Delhi Pollution : दिल्ली में प्रदूषण का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. दिल्ली और एनसीआर का वायु गुणवत्ता सूचकांक अभी भी गंभीर श्रेणी में बना हुआ है. दिल्ली एनसीआर के लोग हर दिन दमघोंटू प्रदूषण में जीने को मजबूर हो रहे हैं.

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दिल्ली में प्रदूषण का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. दिल्ली और एनसीआर का वायु गुणवत्ता सूचकांक अभी भी गंभीर श्रेणी में बना हुआ है. दिल्ली एनसीआर के लोग हर दिन दमघोंटू प्रदूषण में जीने को मजबूर हो रहे हैं.

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दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आज यानी मंगलवार को पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान को पराली जलाने पर तत्काल रोक लगाने का निर्देश दिया है.

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बता दें, बीते पांच दिनों से दिल्ली की वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर श्रेणी में बने रहने के बाद प्रदूषण का स्तर मंगलवार की सुबह थोड़ा कम हुआ और यह बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गया. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक मंगलवार को शाम 4 बजे 394 था, जो सोमवार शाम 4 बजे 421 दर्ज किया गया.

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इससे पहले दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने सोमवार को घोषणा की कि थी प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए दिल्ली के सभी स्कूलों में कक्षा 10 और 12 को छोड़कर सभी अन्य वर्ग की कक्षाओं में बच्चों की भौतिक उपस्थिति पर 10 नवंबर तक पाबंदी लगा दी गयी है.

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हालांकि, अभिभावकों का इसपर कहना है कि आनलाइन पढाई कक्षा में उपस्थित होकर पढाई करने जितना प्रभावी नहीं होती है और उन्होंने सरकार से प्रदूषण का स्थायी समाधान खोजने का आग्रह किया है.

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अभिभावकों का कहना है कि सरकार को पराली जलाने से रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए और प्रदूषण से संबंधित मसलों को देखने और अन्य पर्यावरण अनुकूल विकल्पों का सुझाव देने के लिए एक जिलेवार पर्यावरण टास्क फोर्स होना चाहिए.

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इस बीच दिल्ली-एनसीआर के लिए एक राहत भरी खबर है.आने वाले दो तीन दिनों में  दिल्ली-एनसीआर में उत्तर-पश्चिम से आने वाली हवाओं की गति बढ़ेगी जिससे वायु प्रदूषण से कुछ राहत मिलेगी.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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