Gyanvapi Masjid Case: 30 साल बाद खुला व्यास जी का तहखाना, सफाई के बाद हुई पूजा, देखें तस्वीरें

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 01 Feb 2024 8:52 PM

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Varanasi: A priest performs prayers in the basement of Gyanvapi mosque following court orders allowing the resumption of the practice that was discontinued three decades back, in Varanasi, late Wednesday night, Jan. 31, 2024. (PTI Photo)(PTI02_01_2024_000320B)

न्यास अध्यक्ष ने बताया कि काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर जब बन रहा था तब व्यास परिवार के सदस्यों ने अपनी सम्पूर्ण गद्दीदारी काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास को एक समझौते के तहत न्यास को समर्पित कर दिया था, इसलिए वहां पूजा पाठ कराने की जिम्मेदारी न्यास की ही है.

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वाराणसी जिला अदालत द्वारा हिंदुओं को ज्ञानवापी परिसर स्थित व्यास जी के तहखाने में पूजा का अधिकार दिये जाने के चंद घंटे बाद बुधवार देर रात तहखाने को खोलकर उसकी साफ सफाई की गई और फिर वहां पूजा की गई. गुरुवार को सुबह से ही लोग वहां पहुंचने लगे और पूजा दर्शन करने लगे.

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काशी विश्वनाथ ट्रस्ट के कर्मचारियों ने तहखाने के अंदर सफाई और शुद्धिकरण किया

व्यास ने बताया कि काशी विश्वनाथ ट्रस्ट के कर्मचारियों ने सबसे पहले तहखाने के अंदर सफाई और शुद्धिकरण किया और फिर आचार्य गणेश्वर द्रविड़ ने कलश स्थापित किया. उन्होंने बताया कि इसके बाद मंत्रोच्चार कर गौरी-गणेश की आरती की गयी और सभी देवताओं का स्मरण कर पूजन किया गया, उन्हें नैवेद्य, फल अर्पित किए गए और भोग लगा कर आरती उतारी गई.

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काशी विश्वनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रोफेसर नागेंद्र पांडेय ने बताया कि 31 साल बाद व्यास जी का तहखाना पूजा-पाठ के लिये, रात करीब साढ़े 10 बजे खोला गया और उसकी साफ-सफाई करायी गयी. पांडेय ने कहा, जैसा कि अदालत का आदेश था, उसका पालन करना भी जरूरी था तो जिला प्रशासन ने मुस्तैदी के साथ सारी व्यवस्था कर दी है. मुझे लगता है कि जो भी कमी रह गई है उसे धीरे-धीरे दूर कर लिया जाएगा. पांडेय ने बताया कि जिला अदालत के आदेश के बाद व्यास जी के तहखाने में पूर्व की तरह अब पूजा पाठ नियमित किया जाएगा.

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काशी विश्वनाथ के तर्ज पर होगी व्यास जी की पूजा

बाबा श्री काशी विश्वनाथ की पांच बार नियमित पूजा होती है, वैसे ही व्यास जी तहखानों में देवी देवताओं की राग भोग, आरती कराई जाएगी. पांडेय ने बताया कि पूजा पाठ के लिए वहां श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के पुजारियों की टीम लगाई जाएगी, जिस पुजारी की जब ड्यूटी होगी वो वहां पूजा पाठ करेंगे.

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व्यास परिवार के सदस्यों ने अपनी सम्पूर्ण गद्दीदारी काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास समर्पित कर दिया

न्यास अध्यक्ष ने बताया कि काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर जब बन रहा था तब व्यास परिवार के सदस्यों ने अपनी सम्पूर्ण गद्दीदारी काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास को एक समझौते के तहत न्यास को समर्पित कर दिया था, इसलिए वहां पूजा पाठ कराने की जिम्मेदारी न्यास की ही है.

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1993 के बाद से बंद थी व्यास जी की पूजा

तहखाने में वर्ष 1993 तक पूजा-अर्चना होती थी मगर उसी साल तत्कालीन मुलायम सिंह यादव सरकार ने इसे बंद करा दिया था.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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