देश में चल रहा इमरजेंसी से भी खराब दौर, प्रभात खबर संवाद में बोले विजय कुमार चौधरी

Updated at : 18 Oct 2022 7:13 AM (IST)
विज्ञापन
देश में चल रहा इमरजेंसी से भी खराब दौर, प्रभात खबर संवाद में बोले विजय कुमार चौधरी

प्रभात खबर ने सत्ता -सिस्टम में बैठे लोगों, नौकरशाहों, सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ संवाद की नयी शृंखला शुरू की है. ‘प्रभात संवाद’ की पहली कड़ी में राज्य के वित्त, वाणिज्यकर और संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी पहुंचे. मंत्री ने बड़ी सहजता और बेबाकी से सवालों के जवाब दिये.

विज्ञापन

प्रभात खबर ने सत्ता -सिस्टम में बैठे लोगों, नौकरशाहों, सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ संवाद की नयी शृंखला शुरू की है. ऐसा संवाद, जो जन सरोकारों के साथ लोगों को जोड़े. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है कि नियम – नीति बनाने वालों, व्यवस्था को चलाने वालों तक आम लोगों से जुड़ी समस्या व सवाल पहुंचे. ‘प्रभात संवाद’ की पहली कड़ी में राज्य के वित्त, वाणिज्यकर और संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी पहुंचे. प्रभात खबर कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री ने बड़ी सहजता और बेबाकी से सवालों के जवाब दिये. बिहार से जुड़े सवालों से लेकर भावी कार्ययोजना और राजनीतिक मुद्दों पर बातचीत की.

लोकतंत्र के खिलाफ काम कर रही केंद्रीय सत्ता

जदयू के वरिष्ठ नेता और वित्त मंत्री व संसदीय कार्यमंत्री विजय कुमार चौघरी ने कहा कि देश का मौजूदा राजनीतिक हालात इंदिरा गांधी की इमरजेंसी से भी खराब दौर में पहुंच गया है. देश के राजनीतिक माहौल के अपहरण की कोशिश हो रही है. सोमवार को प्रभात खबर कार्यालय में पहुंचे श्री चौधरी ने प्रभात संवाद में कहा कि आज केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विरोधियों को परेशान करने में किया जा रहा है. यह खतरनाक स्थिति है. कांग्रेस की तब की हुकूमत ने लोकतंत्र के खिलाफ काम किया था. विरोधी दलों के नेताओं को नजरबंद कर लिया गया था. मुझे लगता है कि आज का दौर उससे कहीं अधिक खराब हो गया है. इस हालत को बदलने के लिए सभी लोकतांत्रिक ताकतों और एक समान सोच वाले दलों को एक प्लेटफॉर्म पर आना होगा.

हम भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंशन पर कायम हैं

करप्शन से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि जदयू या हमारी सरकार के स्टैंड में कोई फर्क नहीं आया है. आज भी हम भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंशन पर कायम हैं. पर करप्शन से जुड़े मामलों का राजनैतिक इस्तेमाल करना गलत है. तेजस्वी यादव के नाम का उल्लेख किये बगैर उन्होंने कहा कि पांच साल पहले उन पर एक केस हुआ. इसके बाद हमने राजद से नाता तोड़ लिया था. लेकिन पांच साल में जब उस मामले को लेकर कुछ नहीं हुआ और भाजपा की रीति-नीति बदल गयी, तो हमने उससे अलग होने का सैद्धांतिक फैसला लिया. उनके (केंद्र सरकार) आचरण से साफ है कि करप्शन से उनकी लड़ाई नहीं है. वह विरोधियों को जांच एजेंसियों का सहारा लेकर नष्ट करना चाहती है. यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए भी ठीक नहीं है.

केंद्र की सरकारों ने बिहार के साथ न्यायपूर्ण व्यवहार नहीं किया

बिहार के साथ भेदभाव के सवाल पर श्री चौधरी ने कहा कि केंद्र की सरकारों ने बिहार के साथ न्यायपूर्ण व्यवहार नहीं किया. बिहार को समुचित हिस्सेदारी नहीं दी गयी. भाड़ा समानीकरण की नीति भी बिहार के हितों के खिलाफ बनी थी. 2005 में जब हमारे नेता नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार बनी और विकास के मामले में काम करना शुरू किया, तो कई क्षेत्रों में हमारा प्रदर्शन विकसित राज्यों के समकक्ष पहुंच गया. लेकिन, बिहार के पास खान, खदान और समुद्र का किनारा नहीं है. नेपाल की नदियों से आने वाली बाढ़ से बिहार प्रतिवर्ष प्रभावित होता है. हम मानते हैं कि समग्र विकास के लिए बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलना चाहिए.

भई, विशेष दर्जा नहीं देना चाहते हो, तो हमें विशेष सहायता ही दो

नीति आयोग ने विशेष राज्य की जगह विशेष आर्थिक सहायता का प्रावधान किया है. भई, बिहार को विशेष दर्जा नहीं देना चाहते हो, तो हमें विशेष सहायता ही दो. पर यह काम भी नहीं हो रहा है और इसके उलट बिहार की हकमारी ही शुरू कर दी गयी. अनेक योजनाओं में राज्य की हिस्सेदारी बढ़ायी जा रही है. किसी योजना में जहां हमें दो फीसदी हिस्सेदारी देनी होती थी, अब उसे बढ़ाकर 25, 40 और 50 प्रतिशत पर ला दिया गया है. यह तो बिहार के साथ नाइंसाफी है. जदयू के वरिष्ठ नेता ने कहा कि 2024 में होने वाले लोकसभा और 2025 के विधानसभा चुनाव के लिए बिहार ने देश को रास्ता दिखा दिया है. लोग नफरती राजनीति से ऊब चुके हैं और सम्यक प्रगति व भाइचाारे की राजनीति को मजबूत करने का इरादा बना चुके है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन