बाहुबली नेता अनंत सिंह को इस मामले में पटना हाइकोर्ट स लगा झटका, बिहार सरकार के वकील ने किया विरोध

घर से अवैध और गैर कानूनी हथियार बरामदगी के मामले में अभियुक्त बनाये गये मोकामा के पूर्व विधायक अनंत कुमार सिंह को हाइकोर्ट ने जमानत पर रिहा करने से इंकार करते हुए उनकी ओर से दायर जमानत याचिका को खारिज कर दिया.
मोकामा के पूर्व विधायक व बाहुबली नेता अनंत कुमार सिंह को जमानत पर रिहा करने से इंकार करते हुए पटना हाई कोर्ट ने उनकी ओर से दायर जमानत याचिका को खारिज कर दिया है. जस्टिस अरविंद कुमार श्रीवास्तव की एकलपीठ ने अनंत कुमार सिंह द्वारा दायर क्रिमिनल अपील पर जमानत के मामले पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया. बता दें कि घर से अवैध और गैर कानूनी हथियार बरामदगी के मामले में अनंत सिंह अभियुक्त बनाए गए हैं. उन्होंने इसी मामले में जमानत हेतु अर्जी दी थी.
घर से अवैध और गैर कानूनी हथियार हुआ था बरामद
बाढ़ थाना में कांड संख्या – 241/ 2015 में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार अनंत कुमार सिंह के पैतृक गांव से इंसास राइफल के छह मैगजीन तथा बुलेट प्रूफ जैकेट बरामद किया गया था. पटना के एमपी – एमएलए कोर्ट द्वारा इस मामले में सुनवाई करते हुए अनंत सिंह को दस वर्ष की कारावास समेत जुर्माने की सजा सुनाई गई है. इसी मामले में उन्होंने हाई कोर्ट में क्रिमिनल अपील दायर किया है.
अनंत सिंह के वकील ने क्या दी दलील?
अनंत कुमार सिंह द्वारा उक्त मामले में एमपी – एमएलए कोर्ट द्वारा 14 जुलाई, 2022 को सुनाए गए फैसले और सजा के आदेश को रद्द करने के लिए हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है. अपीलार्थी का पक्ष वरीय अधिवक्ता पी एन शाही ने रखा. उन्होंने इस मामले में दलील थी कि अपीलार्थी आधा से ज्यादा सजा की अवधि को काट चुका है और गलत तरीके से उन्हें फसाया गया है.
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53 कांडों में अनंत सिंह का आपराधिक इतिहास
राज्य सरकार का पक्ष रखते हुए अधिवक्ता अजय मिश्रा ने दलील दी कि यदि अपीलार्थी जमानत पर छूटते हैं तो आम लोगों के बीच दहशत की संभावना बन सकती है. इतना ही नहीं, आम लोक सभा चुनाव भी नजदीक आ रहा है इसलिए, जमानत पर छूटने पर आम चुनाव में भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. उन्होंने कोर्ट को बताया कि अपीलार्थी का 53 कांडों में आपराधिक इतिहास भी है.
अनंत सिंह क्यों है जेल में
बता दें कि पूर्व विधायक अनंत सिंह को मोकामा में ‘छोटे सरकार ‘ के नाम से भी जाना जाता है. अनंत सिंह पर विभिन्न थानों में सैंकड़ों आपराधिक मामले दर्ज हैं. अनंत सिंह का पैतृक आवास बाढ़ के नदावां पंचायत में है. 16 अगस्त, 2019 को छापेमारी के दौरान यहां से एके 47 व हैंड ग्रेनेड बरामद किये गये थे. जिसके बाद एके 47 व हैंड ग्रेनेड कारतूस आदि बरामदगी के मामले में अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया था. इसी मामले में सुनवाई के बाद उन्हें एमपी-एमएलए कोर्ट से 10 साल की सजा सुनाई गई है.
अनंत सिंह 2005 से 2020 तक लगातार जीते चुनाव
लोगों की मानें तो मोकामा में छोटे सरकार यानी अनंत सिंह का सिक्का चलता है. 2005 से 2020 तक लगातार मोकामा विधानसभा सीट से वो जीत दर्ज करते आए हैं. कभी उन्होंने जदयू की टिकट पर चुनाव लड़ा तो कभी राजद ने उन्हें अपना प्रत्याशी बनाया. यहां तक कि जेल में बंद रहकर ही वो चुनाव लड़े और तब भी जीत का सेहरा ही उनके सिर पर सजा. वहीं मोकामा विधानसभा सीट से अभी अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी विधायक हैं.
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लेखक के बारे में
By Anand Shekhar
Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.
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