शरजील इमाम की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई, अदालत ने कहा- सभी राज्यों का जवाब देखे बिना नहीं दे सकते अंतरिम आदेश
Author : Kaushal Kishor Published by : Prabhat Khabar Updated At : 19 Jun 2020 3:42 PM
नयी दिल्ली : बिहार के जहानाबाद से देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार जेएनयू के छात्र शरजील इमाम की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि संबंधित प्रदेशों की सरकारों का जवाब मिले बिना कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया जा सकता है. मालूम हो कि देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार जेएनयू के छात्र शरजील इमाम पर कथित रूप से भड़काऊ भाषण देने का आरोप है.
नयी दिल्ली : बिहार के जहानाबाद से देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार जेएनयू के छात्र शरजील इमाम की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि संबंधित प्रदेशों की सरकारों का जवाब मिले बिना कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया जा सकता है. मालूम हो कि देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार जेएनयू के छात्र शरजील इमाम पर कथित रूप से भड़काऊ भाषण देने का आरोप है.
शरजील इमाम ने याचिका के जरिये सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगायी है कि आरोपों में दर्ज सभी प्राथमिकियों को मिला कर एक कर दिया जाये. इसके बाद मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले से संबंधित सभी पांच राज्यों का जवाब मिले बिना कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया जा सकता है. शरजील ने याचिका के जरिये अदालत को बताया कि अभी तक दिल्ली और उत्तर प्रदेश ने जवाब दाखिल कर दिया है. लेकिन, असम, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश ने कोई जवाब नहीं दिया है.
न्यूज एजेंसी ‘भाषा’ के मुताबिक, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमणियन की पीठ ने वीडियो कांफ्रेन्सिंग के जरिये सुनवाई करते हुए कहा कि ”हम सभी राज्यों के जवाब देखे बिना कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं कर सकते.” मालूम हो कि असम सरकार के वकील ने अदालत से जवाब दाखिल करने के लिए और समय की मांग की. इस पर अदालत ने कहा, ”हम समय देंगे.” पीठ ने असम, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश को जवाब दााखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दे दिया.
अदालत ने कहा कि तीनों राज्यों का जवाब आने के बाद एक सप्ताह के अंदर प्रत्युत्तर दाखिल किया जाये. इसके बाद अदालत ने मामले की सुनवाई तीन सप्ताह बाद के लिए सूचीबद्ध कर दी. मालूम हो कि सु्प्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए 26 मई को उत्तर प्रदेश, असम, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर से जवाब दाखिल करने को कहा था.
शरजील इमाम ने विभिन्न राज्यों में दर्ज सभी मामलों को दिल्ली की अदालत में स्थानांतरित करने का अनुरोध याचिका में किया है. मालूम हो कि शरजील के खिलाफ नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करते हुए दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में दिये गये दो भाषणों को लेकर पांच राज्यों में मामले दर्ज किये गये हैं. दिल्ली पुलिस ने शरजील इमाम के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून के तहत भी मामला दर्ज किया है.
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