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BPSC पेपर लीक: पटना में गिरोह का कंट्रोल रूम, एग्जाम से पहले उत्तर भेजने के नाम पर लेते रहे लाखों रुपये

Updated at : 15 May 2022 3:17 PM (IST)
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BPSC पेपर लीक: पटना में गिरोह का कंट्रोल रूम, एग्जाम से पहले उत्तर भेजने के नाम पर लेते रहे लाखों रुपये

बीपीएससी पेपर लीक मामले में एसआइटी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अब एक गिरोह का भी खुलासा किया है जो रुपये लेकर एग्जाम से पहले ही प्रश्न के उत्तर मुहैया कराते रहे. इस गिरोह से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

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बीपीएससी पेपर लीक मामले में आर्थिक अपराध ईकाई (EOU) ने रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 और लोगों को गिरफ्तार किया है. 67वीं बीपीएससी प्री परीक्षा के प्रश्न-पत्र लीक होने के तार अब गिरोह से भी जुड़ चुके हैं. रविवार को जिन 4 लोगों की गिरफ्तारी हुई है वो इसकी गिरोह से जुड़े हुए हैं. इनकी कमान एनआइटी के एक छात्र के हाथ में थी जबकि कृषि विभाग के एक सहायक भी इस गिरोह से जुड़ा रहा.

गिरोह के 4 सदस्य गिरफ्तार

बीपीएससी पेपर लीक मामले की जांच 14 सदस्यीय एसआईटी टीम कर रही है जिसका नेतृत्व ईओयू के पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार कर रहे हैं. एसआइटी ने रविवार को एक गिरोह का खुलासा किया और इस गिरोह से जुड़े 4 लोगों को गिरफ्तार किया है.

कृषि विभाग के सहायक से लेकर हाई स्कूल के शिक्षक तक दागी

गिरफ्तार होने वालों में भागलपुर निवासी राजेश कुमार, जो कृषि विभाग में सहायक के पद पर हैं. निशिकांत कुमार राय, जो सिवान जिला के निवासी हैं. कृष्ण मोहन सिंह जो वैशाली जिला के निवासी हैं और हाई स्कूल देसरी के शिक्षक हैं. सुशील कुमार सिंह जो औरंगाबाद के निवासी हैं, शामिल हैं.

Also Read: BPSC का पेपर लीक करने में गिरोह की भी भूमिका! ईओयू ने सरकारी कर्मी समेत 4 लोगों को किया गिरफ्तार
पटना में कंट्रोल रूम

गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछ-ताछ में यह जानकारी सामने आयी है कि यह गिरोह पटना में एक कंट्रोल रूम बनाए हुए था. जो कदमकुआं थाना के लोहानीपुर मोहल्ले में बनाया गया था. यह गिरोह प्रश्न-पत्र लीक कर उसका सही उत्तर देने के एवज में अपने क्लाइंट से लाखों रुपये वसूलता था. कई परीक्षार्थियों को ये प्रश्न-पत्र उपलब्ध कराता रहा.

गिरोह का सरगना एनआइटी पटना का छात्र

इस गिरोह का सरगना एनआइटी पटना के स्नातक का छात्र आनंद गौरव उर्फ पिन्टू यादव है. जो इससे पहले 2015 में इलाहाबाद के अध्यापक भर्ती घोटाला में भी गिरफ्तार हुआ था. मुंगेर जिला में ये 2020 के हत्याकांड का भी अभियुक्त है. इस गिरोह के कई अन्य लोगों की पहचान हुई है जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. वहीं कंट्रोल रूम से एसआइटी को कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी मिले. वहीं आनंद गौरव के पटेल नगर पटना स्थित किराये के आवास में भी छापेमारी की गयी.

POSTED BY: Thakur Shaktilochan

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