बिहार में एनडीए से बाहर हुई लोजपा, 2025 की लड़ाई लड़ रहे चिराग पासवान!

Bihar Vidhan Sabha Chunav 2020 पटना : बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सीट बंटवारे को लेकर रविवार को लोजपा ने साफ कर दिया कि वह अकेले 143 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़ा करेगी. लोजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में पार्टी प्रमुख चिराग पासवान ने जदयू के साथ अपने विवाद को साझा करते हुए कहा कि चुनाव के बाद बिहार में भाजपा के साथ वह खड़ी होगी.
Bihar Vidhan Sabha Chunav 2020 पटना : बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सीट बंटवारे को लेकर रविवार को लोजपा ने साफ कर दिया कि वह अकेले 143 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़ा करेगी. लोजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में पार्टी प्रमुख चिराग पासवान ने जदयू के साथ अपने विवाद को साझा करते हुए कहा कि चुनाव के बाद बिहार में भाजपा के साथ वह खड़ी होगी.
उधर, लोजपा के रुख सामने आने के बाद जदयू में दिन भर मंथन चलता रहा. मुख्यमंत्री आवास पर पार्टी के वरिष्ठ नेता जुटे रहे और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई. दूसरी ओर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर दिन भर बैठकों का दौर चलता रहा. देर शाम केंद्रीय चुनाव कमेटी की बैठक में पहले चरण के उम्मीदवारों के नाम पर मुहर लगेगी.
राजनीतिक जानकारों की मानें तो जदयू नेतृत्व से अलग होकर चुनाव लड़ने का फैसला कर लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने बड़ा सियासी दांव खेला है. 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी की पूरी तैयारी नीतीश सरकार से अलग होकर खुद को राजनीतिक मैदान में स्थापित करने को लेकर है. दरअसल, असली लड़ाई 2025 के विधानसभा की है. चिराग पासवान बीते कई महीनों से इसी एजेंडे को लेकर जमीन तैयार कर रहे हैं. यहीं कारण है कि चिराग बीते कई महीनों से सरकार व उनकी नीतियों पर हमलावर रहे.
चिराग पासवान ने सात निश्चय को भी भ्रष्टाचार का अड्डा बताया था. चिराग बार-बार पत्र जारी कर सरकार की आलोचना करते रहे हैं. इसको रामविलास पासवान के बयान से जोड़ कर देखने से पार्टी का एजेंडा साफ हो जाता है. बीते वर्ष नवंबर में ज्ञान भवन में आयोजित लोजपा के स्थापना दिवस में रामविलास पासवान ने कहा था कि आने वाला समय युवाओं का है. हम 2025 की तैयारी को लेकर चल रहे हैं.
चर्चा है कि आने वाले समय में चिराग पासवान का असली मुकाबला राजद के युवा नेता तेजस्वी यादव होगा. युवा होने के साथ-साथ दोनों का राजनीतिक कैरियर लंबा है. अब तेजस्वी यादव राजद के नेता होने के साथ कांग्रेस व वाम दलों के साथ वाले महागबंधन के नेता भी बन चुके हैं. इस लिहाज से देखा जाये तो राजनीतिक पारी में तेजस्वी यादव आगे निकलते दिख रहे हैं. ऐसे में चिराग पासवान को तेजस्वी के सामने खड़ा होने के लिए अपने एनडीए खास कर जदयू के नेतृत्व से बाहर निकलना होगा. तभी उनका दायरा बढ़ सकता है. यहीं कारण है कि 2025 की लड़ाई के लिए चिराग पासवान की ओर से राजनीतिक बिसात बिछाया जा रहा है.
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