बिल्डरों को प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले खाते में जमा राशि का बताना होगा स्रोत, बिहार RERA ने दिए निर्देश
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 09 Jan 2023 12:15 AM
अधिकारियों के मुताबिक रेरा एक्ट के तहत कोई बिल्डर किसी प्रोजेक्ट में फ्लैट, जमीन या बिल्डिंग के लिए ग्राहक से एग्रीमेंट या प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन से पहले उससे कुल एग्रीमेंट राशि का अधिकतम 10 फीसदी राशि एडवांस ले सकता है.
बिहार रियल इस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने आवंटियों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए बिल्डरों को किसी रियल इस्टेट प्रोजेक्ट की शुरुआत के समय उसके डेडिकेटेड बैंक खाते में जमा राशि का स्रोत बताने का निर्देश दिया है. इस संबंध में बिहार रेरा ने आदेश जारी कर दिया है. यह जानकारी उनको प्रोजेक्ट के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के समय जमा किये जाने वाले बैंक खाते के वित्तीय डिटेल के साथ शेयर करनी होगी.
अधिकारियों के मुताबिक रेरा एक्ट के तहत कोई बिल्डर किसी प्रोजेक्ट में फ्लैट, जमीन या बिल्डिंग के लिए ग्राहक से एग्रीमेंट या प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन से पहले उससे कुल एग्रीमेंट राशि का अधिकतम 10 फीसदी राशि एडवांस ले सकता है. लेकिन, देखा गया है कि वर्षों बाद होने वाले विवाद के मामलों में ग्राहक द्वारा जमा की गयी इस राशि का कोई स्रोत नहीं मिलता. कई बार पैसे लेने के बावजूद बिल्डर प्रोजेक्ट पूरा नहीं करते.
ऐसे में बिहार रेरा ने प्रावधान किया है कि प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन के समय दिये जाने वाले फिनांशियल स्टेटमेंट में बिल्डरों को यह बताना होगा कि उन्होंने खाते में जमा करायी 10 फीसदी रकम किस माध्यम से एकत्रित की है. उसका स्रोत क्या रहा? आदेश के मुताबिक बिल्डरों को रेरा बिहार की वेबसाइट पर बनाये गये संबंधित परियोजना के वेबपेज पर वर्ष में एक बार वित्त के स्रोतों को भी अपलोड करना होगा.
बिहार रेरा ने अपने दूसरे आदेश में उन बिल्डरों पर भी लगाम लगाने की कोशिश की है, जो एक कंपनी में गड़बड़ी करने के बाद दूसरी कंपनी बना या दूसरे कंपनी से जुड़ कर नये रियल इस्टेट प्रोजेक्ट चलाते हैं. रेरा ने कहा है कि अब सभी बिल्डरों को अपने प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन कराते समय पिछले पांच सालों के दौरान अपने द्वारा किये गये सभी प्रोजेक्टों की जानकारी देनी होगी.
किसी एक कंपनी के माध्यम से प्रोजेक्ट रजिस्टर्ड होने पर उस कंपनी से जुड़े सभी निदेशक व प्रमोटरों को बताना होगा कि उनका किसी दूसरी कंपनी में कोई प्रोजेक्ट से जुड़ाव तो नहीं है. उनके किसी प्रोजेक्ट पर निगरानी केस तो नहीं चल रहा ? रेरा अधिकारियों के मुताबिक यह देखा गया है कि एक जगह ब्लैकलिस्टेड कंपनी के प्रमोटर दूसरी कंपनी से जुड़ कर अपने प्रोजेक्ट चला रहे हैं. ऐसे लोगों को रोकने के लिए यह प्रावधान किया गया है.
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