Bihar Election 2020: सीएम नीतीश ने 'MY समीकरण' पर साधा निशाना, भागलपुर दंगा और AMU कैंपस का जिक्र कर कही यह बात...

पटना: जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर नीतीश कुमार ने 15 साल पूर्व की सरकार के समय के हालात को बयां कर आने वाले विधानसभा चुनाव का एजेंडा तय कर दिया है. मुख्यमंत्री ने सरल और सभ्य लहजे में अपनी बात रखी. सड़क, शिक्षा, सेहत, बिजली, कानून-व्यवस्था, सामाजिक सुधार समेत तमाम ऐसे उन्होंने काम गिनाये, जिनसे हाल के दिनों में बिहार ने तरक्की की. राज्य की जनता के सामने उन्होंने दोनों तस्वीरें पेश कीं. एक में 1990 से 2005 तक हुए कार्यों का ब्योरा दिया तो दूसरे में 2005 से अब तक की उपलब्धियों को गिनाते यह साबित किया कि विकास के मुद्दे पर उनकी कोई सानी नहीं है.
पटना: जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर नीतीश कुमार ने 15 साल पूर्व की सरकार के समय के हालात को बयां कर आने वाले विधानसभा चुनाव का एजेंडा तय कर दिया है. मुख्यमंत्री ने सरल और सभ्य लहजे में अपनी बात रखी. सड़क, शिक्षा, सेहत, बिजली, कानून-व्यवस्था, सामाजिक सुधार समेत तमाम ऐसे उन्होंने काम गिनाये, जिनसे हाल के दिनों में बिहार ने तरक्की की. राज्य की जनता के सामने उन्होंने दोनों तस्वीरें पेश कीं. एक में 1990 से 2005 तक हुए कार्यों का ब्योरा दिया तो दूसरे में 2005 से अब तक की उपलब्धियों को गिनाते यह साबित किया कि विकास के मुद्दे पर उनकी कोई सानी नहीं है.
नीतीश कुमार ने लालू-राबड़ी के शासनकाल की तीखी आलोचना कर यह जताने की कोशिश की कि वह कालखंड किन चीजों के लिए याद किया जाता है. सात निश्चय की योजनाओं, जिनमें मेडिकल कालेज, नर्सिंग स्कूल, महिला आइटीआइ से लेकर राष्ट्रीय संस्थान, जिनमें पटना का आइआइटी, गया का आइआइएम, किशनगंज के एएमयू कैंपस की चर्चा कर युवाओं को 15 साल बनाम 15 साल की तस्वीर दिखाने की कोशिश की.
राज्य में बड़ी संख्या में नये वोटर बने हैं, ऐसे में नयी पीढ़ी के लिए किये गये कार्यों को उन्होंने पूरा ब्योरा दिया. साइकिल, पोशाक, छात्रवृत्ति, प्रोत्साहन भत्ता व स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड जैसे कार्यों को गिनाया, जिसके पहले साल के लाभुक अब वोटर बने हैं. सीएम के फोकस में महिलाएं, बुजुर्ग, जिन्होंने पूर्व के दिनों को देखा है, जैसे लोग भी रहे. पैदल चलने, नरसंहार, बिजली का नहीं होना, कानून का राज जैसे विषयों पर दोनों कालों की तुलना कर यह जताने की कोशिश की कि यदि नयी पीढ़ी को पुरानी चीजों की जानकारी नहीं दी गयी तो राज्य के लिए यह नुकसानदेह साबित होगा.
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विकास की योजनाएं, बाढ़ व आपदा के दौरान सरकार की सक्रियता और राहत के लिए सरकार का खजाना खोल दिये जाने की चर्चा करते हुए उन्होंने साफ कहा कि पहले क्या मिलता था और उनकी सरकार ने अब तक क्या-क्या दिया.
राजद के माय समीकरण पर भी जदयू अध्यक्ष ने जम कर निशाना साधा. कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे रामलखन सिंह यादव के पाेते और पूर्व सीएम दारोगा प्रसाद राय की पौत्री की चर्चा कर उन्होंने यह संदेश दिया कि यादव नेताओं के प्रति भी राजद का व्यवहार ठीक नहीं रहा है. भागलपुर दंगा के आरोपितों को सजा दिलाने की भी उन्होंने चर्चा की. किशनगंज में अलीगढ़ मुस्लिम विवि के कैंपस के लिए जमीन दिया जाना और अल्पसंख्यकों के लिए किये गये कार्यों का जिक्र कर मुस्लिम युवाओं को भी संदेश दिया.
Posted by : Thakur Shaktilochan Shandilya
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