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Bihar Budget 2023 : सबसे अधिक खर्च शिक्षा तो सबसे कम खान-भू तत्व विभाग पर, जानिए किस विभाग को मिले कितने रुपये

Updated at : 28 Feb 2023 7:38 PM (IST)
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Bihar Budget 2023 : सबसे अधिक खर्च शिक्षा तो सबसे कम खान-भू तत्व विभाग पर, जानिए किस विभाग को मिले कितने रुपये

वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी ने मंगलवार को 2023-24 का बजट पेश किया. राज्य के इतिहास में 2.60 लाख करोड़ रुपये का अब तक का यह सबसे बड़ा बजट आकार है. नये बजट में किसी प्रकार का कोई कर नहीं लगाया गया है. बजट में रोजगार, कृषि, उद्याेग और सोशल सेक्टर पर फोकस किया गया है.

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बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों में मंगलवार को 2,61,885.40 करोड़ ( दो लाख 61 हजार आठ सौ पचासी चालीस लाख) रुपये का बजट पेश किया गया. वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी ने इसे भोजनावकाश के बाद दोनों सदनों में बारी-बारी से पेश किया. बजट में राज्य सरकार की उपलब्धियां पिछले 10 सालों में प्रशंसनीय बतायी गयी हैं. सरकार ने बिहार को विकसित प्रदेश बनाने के लिए बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की है. राजकोषीय घाटे को तीन प्रतिशत की सीमा के अंदर ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. राजस्व घाटा को समाप्त कर राजस्व अधिशेष जुटाने, कुल बकाया ऋण राशि को सकल राज्य घरेलू उत्पाद के अनुपात में धीरे धीरे कम करने और 2023-24 में उच्चतर आर्थिक विकास दर प्राप्त करने का लक्ष्य तय किया गया है.

वित्त मंत्री ने आठ सूत्रों में राज्य के बजट काे प्राथमिकता देने की बात कही है. युवा व रोजगार, महिला सशक्तिकरण, अल्पसंख्यक कल्याण, स्वास्थ्य, पुलिस आधुनिकीकरण, कृषि एवं ग्रामीण विकास, हरित विकास, आधारभूत संरचना, औद्योगिक विकास और शहरी विकास को प्राथमिकता सूची में रखा गया है.

सरकार ने करीब साढे तीन लाख विभिन्न पदों पर नियुक्तियां करने का प्रस्ताव रखा है. इनमें बिहार लोक सेवा आयोग, राज्य कर्मचारी चयन आयोग और तकनीकी सेवा आयोग से 63900, पुलिस बल में 75543, प्राथमिक शिक्षकों के 48762, शारीरिक शिक्षकों के 5886, माध्यमिक शिक्षकों के 44193, उच्च माध्यमिक के 89734 और इंजीनियरिंग व पॉलिटेक्नीक कालेजों में 3021 पदों पर नियुक्ति की जायेगी.

दस सालों में करीब तीन गुना बढ़ गया बजट आकार

  • साल-बजट आकार

  • 2013-14 : 92 हजार करोड़

  • 2014-15 : 1.16लाख करोड़

  • 2015-16 : 1.20 लाख करोड़

  • 2016-17 : 1.44 लाख करोड़

  • 2017-18 : 1.60 लाख करोड़

  • 2018-19 : 1.77 लाख करोड़

  • 2019-20 : 2.501 लाख करोड़

  • 2020-21 : 2.11 लाख करोड़

  • 2021-22 :2 लाख 18 हजार 303 करोड़

  • 2022-23 : 2 लाख, 37 हजार 691 करोड़

किस पर कितना खर्च

  • विभाग – रुपये- प्रतिशत

  • शिक्षा-22200.35 करोड़-22.20 प्रतिशत

  • ग्रामीण विकास:15193.19 करोड़-15.19 प्रतिशत

  • समाज कल्याण :8191.79 करोड़-08.19 प्रतिशत

  • ग्रामीण कार्य :7950.27 करोड़-07.95 प्रतिशत

  • स्वास्थ्य:7117.56 करोड़-07.12 प्रतिशत

  • पथ निर्माण : 4420.99 करोड़-04.42 प्रतिशत

  • नगर विकास:4055.10 करोड़ -04.06 प्रतिशत

  • जल संसाधन : 3232.63 करोड़ -03.23 प्रतिशत

  • कृषि : 2781.99 करोड़-02.78 प्रतिशत

  • पीएचइडी-1947.65 करोड़-01.95 प्रतिशत

  • अन्य विभाग :22908.48 करोड़- 22.91 प्रतिशत

  • स्वास्थ्य :16966.42 करोड़

  • पथ निर्माण एवं ग्रामीण कार्य :17487.78 करोड़

  • सामाजिक क्षेत्र :12439.41 करोड़

  • सबसे अधिक शिक्षा विभाग पर खर्च : 40450.91 करोड़

  • सबसे कम खान भूतत्व-61.9 करोड़

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