बिहार की सबसे बड़ी दवा मंडी में औषधि विभाग की बड़ी कार्रवाई, लाखों की नकली व नशीली दवाएं बरामद

औषधि विभाग को प्रतिबंधित दवाओं को बेचने की सूचना प्राप्त हुई थी. जिसके बाद इस मामले में कार्रवाई करने के लिए ड्रग इंस्पेक्टर की टीम बुधवार को जीएम रोड पहुंची. जहां दो दुकानों में छापेमारी की गई. इस कार्रवाई में 53 तरह की नकली दवाएं बरामद हुई.
बिहार की सबसे बड़ी दवा मंडी में औषधि नियंत्रक प्रशासन की टीम द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई है. टीम ने पटना के गोविंद मित्रा रोग स्थित दो दवा दुकान व उनके द्वारा संचालित दो गोदाम में औचक छापेमारी की. जहां दवाओं के रखरखाव में अनियमितता पाई गई और लाखों रुपये की नकली व नशीली दवाएं बरामद की गई. नकली दवाओं में गैस की बीमारी में इस्तेमाल होने वाली पैनडी, नशीली समेत कई तरह की दवाएं शामिल हैं. दोनों दुकानों से मिली संदिग्ध दवाओं की कीमत लगभग 5 लाख रुपये बताई जा रही है.

53 तरह की संदिग्ध दवाएं मिली
जानकारी के अनुसार औषधि विभाग को प्रतिबंधित दवाओं को बेचने की सूचना प्राप्त हुई थी. जिसके बाद इस मामले में कार्रवाई करने के लिए ड्रग इंस्पेक्टर की टीम बुधवार को जीएम रोड पहुंची. जहां उन्होंने महिमा पैलेस में संचालित श्रीकृष्ण इंटरप्राइजेज एवं एसी घोष लेन के जय लक्ष्मी इंटरप्राइजेज दवा दुकान में छापेमारी की. इन दोनों दवा दुकान के द्वारा संबंधित इलाके में गोदाम भी संचालित होता था, जहां टीम ने गोदाम में भी जांच किया. जांच में गैस व नशीली दवाओं के साथ-साथ 53 तरह की दवाएं संदिग्ध मिली, जिसकी बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गयी है. औषधि विभाग ने लेजर लाइट से जांच की जिसमें दवाईयां नकली पाई गई है। वहीं इस कार्रवाई के बाद दवा मंडी में हड़कंप मचा है

पंजाब से मंगाई गयी थी नकली दवाएं
जांच टीम के मुताबिक जय श्रीकृष्णा दुकान में 28 और जय लक्ष्मी इंटरप्राइजेज में 25 तरह की दवाएं अवैध पायी गयी. इसके अलावा इन दुकानदारों के पास दवाओं की खरीद की पक्का बिल भी नहीं था. वहीं जांच में पाया गया कि गैस की दवा पैन डी पंजाब से पटना के आरआरबी डिस्ट्रीब्यूटर से जय कृष्णा गोदाम में पहुंची थी. जिसके बाद छोटे-छोटे दवा दुकानदारों को बेची जाती थी. दोनों दुकान व गोदाम से करीब पांच लाख की संदिग्ध दवाएं पकड़ी गयी हैं.
जिला औषधि नियंत्रक के निर्देश पर छापेमारी
यह छापेमारी जिला औषधि नियंत्रक डॉ सच्चिदानंद विक्रांत के निर्देश पर की गयी थी. जिसमें ड्रग इंस्पेक्टर अमल कुमार, यशवंत झा, क्युमुद्दीन अंसारी, राजेश कुमार सिन्हा और जितेंद्र कुमार सिन्हा को शामिल किया गया था.

धड़ल्ले से बेची जा रह नकली दवाएं
वहीं डॉ सच्चिदानंद ने बताया कि दोनों दुकानदारों के खिलाफ गुप्त सूचना मिली थी, नशीली दवाएं की धड़ल्ले से बिक्री की जा रही थी. जिसको लेकर पांच ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम गठित की गयी और चारों स्थान पर औचक छापेमारी किया गया. जब्त दवाओं का सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है. अभी जांच जारी है, इससें बाकी आरोपितों के खिलाफ भी कार्रवाई की जायेगी.
Also Read: बिहार सिपाही भर्ती परीक्षा रद्द होने से आहत अभ्यर्थी ने खाया जहर, खान सर की कोचिंग से कर रहा था तैयारीनकली दवा बेचने की मिल रही थी शिकायत
वहीं इस मामले में ड्रग्स इंस्पेक्टर यशवंत कुमार ने बताया कि काफी दिनों से यह शिकायत मिल रही थी कि यहां नकली दवाएं बेची जा रही है और बिलिंग भी नहीं हो रही है. सूचना के आधार पर बुधवार को की गई छापेमारी में कई नकली दवाईयां बरामद की गई हैं. सभी की जांच की जा रही है.
Also Read: PHOTOS: सीएम नीतीश कुमार ने पहुंचे हजरत शाह जलाल शहीद रहमतुल्लाह अलैह के मजार पर, मांगी सुख-शांति की दुआप्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Anand Shekhar
Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




