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Agriculture: लाही का प्रकोप बढ़ने से किसान चिंतित, तिलहनी और दलहनी फसलों को ज्यादा नुकसान

Updated at : 05 Feb 2023 12:52 PM (IST)
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Agriculture: लाही का प्रकोप बढ़ने से किसान चिंतित, तिलहनी और दलहनी फसलों को ज्यादा नुकसान

Agriculture: लाही कीड़ा से निजात पाने के लिए किसान कीटनाशक का प्रयोग तो कर रहे हैं. लेकिन लाही कीटों पर कोई खास असर नहीं हो रहा है. किसानों का कहना है कि कीटनाशक का छिड़काव करने के बाद भी लाही कीड़ा का प्रभाव कम नही हो रहा है.

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पटना. बिहार में पिछले तीन-चार दिनों से मौसम के बदले मिजाज को देख किसान चिंतित दिख रहे हैं. तापमान में बढ़ोतरी होते ही लाही कीट का प्रकोप बढ़ने लगा है. खेतों में लहलहा रही सरसों के फसल पर लाही किट का प्रभाव बढ़ गया है. एक्सपर्ट का मानना है कि दोरस हवा चलने की वजह से लाही का प्रकोप बढ़ रहा है. ऐसे में तेलहनी और दलहनी फसलो पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने को लेकर किसान अपने को असहज महसूस कर रहे है. लाही कीड़ा सरसों के पौधे में लगे फल और फूल को खा रहें हैं. इससे सरसों के उपज में 20 प्रतिशत तक की कमी हो सकती है. जिसको लेकर किसान चिंतित हैं.

तिलहनी और दलहनी फसलों को ज्यादा नुकसान

लाही कीड़ा से निजात पाने के लिए किसान कीटनाशक का प्रयोग तो कर रहे हैं. लेकिन लाही कीटों पर कोई खास असर नहीं हो रहा है. किसानों का कहना है कि कीटनाशक का छिड़काव करने के बाद भी लाही कीड़ा का प्रभाव कम नही हो रहा है. हालांकि जिन किसानों ने सरसों की अगेती बुआई की है, उनकी सरसो की फसल में दाने लगने प्रारंभ हो गये है. वहीं देर से बुआई की गई सरसो के पौधों में अभी फूल लगने शुरू हुए है. अनुभवी किसानों की माने तो धान की कटनी करने के बाद तेलहनी फसलों की देर से बुआई करने वाले अथवा बहुफसली विधि के तहत गेहूं की फसल के साथ सरसो की बुआई करने वाले किसानों को इस बात की चिंता सता रही है कि अभी -अभी सरसो के पौधों में फूल लगना प्रारंभ हुआ है.

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लाही का प्रकोप बढ़ने से किसान चिंतित

ऐसे में दोरस हवा चलने की वजह से लाही गिरने से उत्पादन पर बुरा असर पड़ेगा. लंबे समय से कृषि कार्य में अनुभव रखने वाले संघर्षशील किसान मदन सिंह ने बताया की लाही के प्रकोप से पौधे सुख जाते है और उनमे लगे दाने काले पड़ जाते है. जो किसी काम के नहीं रहते है. इस मौसम में तेलहनी और दलहनी फसलों के बेहतर उत्पादन के लिये पछुआ हवा का चलना उपयुक्त माना जाता है. वही प्रायः इस मौसम में बारिश होने की भी संभावना बनी रहती है, जो कृषि कार्यो के लिये नुकसान दायक माना जाता है. हालांकि मौसम विभाग की माने तो अगले सप्ताह मौसम साफ होने की बात बतायी जा रही है.

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

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