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जीवन की विभीषिका के अद्भुत चितेरे हैं डेविड स्जेले

Updated at : 13 Nov 2025 9:24 AM (IST)
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David Szalay

डेविड स्जेले

David Szalay : 'फ्लेश' की बात करें, तो इस उपन्यास में लेखक ने वर्ग और शक्ति की पड़ताल करती 'रंक से राजा' बनने की कहानी का सुंदर शैली में वर्णन किया है. इस उपन्यास को निर्णायकों द्वारा एक असाधारण, अद्वितीय उपन्यास माना गया. लेखक की यह छठी काल्पनिक (फिक्शन) कृति है, जो शक्ति को लेकर एक चिंतन है,

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David Szalay : इस वर्ष का बुकर साहित्यिक पुरस्कार डेविड स्जेले को मिला है. डेविड का नाम वर्तमान अंग्रेजी साहित्य के उन चर्चित युवा लेखकों में शुमार है, जो चकाचौंध भरी जिंदगी की विभीषिका एवं संघर्ष की व्याख्या अपने अंदाज में करते हैं. हंगेरियाई मूल के ब्रिटिश लेखक डेविड स्जेले ने अपनी कृति, ‘फ्लेश’ के लिए 2025 का बुकर पुरस्कार जीता है. इस प्रकार, वह इस पुरस्कार को जीतने वाले पहले हंगेरियन-ब्रिटिश लेखक बन गये हैं. विदित हो कि डेविड को इस पुरस्कार के लिए 153 लेखकों के बीच हुई कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद चुना गया. उन्हें इससे पहले 2016 में भी उनकी कृति ‘ऑल दैट मैन इज’ के लिए बुकर पुरस्कार के लिए चयनित नामों की सूची में शामिल किया गया था. डेविड हंगेरियन मूल के एकमात्र ऐसे लेखक नहीं हैं जिन्होंने बुकर पुरस्कार जीता है, लास्जलो क्रास्जनाहोरकाई ने, जिन्होंने इस वर्ष का साहित्य का नोबेल पुरस्कार जीता है, 2015 में बुकर पुरस्कार जीता था, वे भी हंगरी के हैं.


‘फ्लेश’ की बात करें, तो इस उपन्यास में लेखक ने वर्ग और शक्ति की पड़ताल करती ‘रंक से राजा’ बनने की कहानी का सुंदर शैली में वर्णन किया है. इस उपन्यास को निर्णायकों द्वारा एक असाधारण, अद्वितीय उपन्यास माना गया. लेखक की यह छठी काल्पनिक (फिक्शन) कृति है, जो शक्ति को लेकर एक चिंतन है. यह कृति हंगरी के किशोर ‘इस्तवान’ के जीवन की कहानी कहती है, जो सेना से लंदन के बेहद अमीरों की संगत में पहुंच जाता है. अपनी रचना प्रक्रिया पर बात करते हुए डेविड ने कहा कि ‘इस पुस्तक को लिखना आसान नहीं था. मैंने इसे एक और उपन्यास छोड़ने के ठीक बाद शुरू किया था, इसलिए इस पुस्तक को अच्छा बनाने के लिए मेरे ऊपर बहुत दबाव था.’ डेविड का जन्म कनाडा में हुआ था और वे ब्रिटेन, लेबनान और हंगरी में भी रह चुके हैं. इन दिनों डेविड अपनी पत्नी के साथ ऑस्ट्रिया के वियना में रह रहे हैं. अपने एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि ‘वह एक ऐसी पुस्तक लिखना चाहते थे, जो हंगरी और लंदन के बीच फैली हो और जिसमें एक ऐसा चरित्र शामिल हो जो किसी भी जगह पर पूरी तरह से घर जैसा महसूस न करे.’


उनके इस उपन्यास के बारे में एक विशेष टिप्पणी में निर्णयकर्ता ने उल्लेख किया कि ‘जिस पुस्तक पर हम बार-बार वापस आते रहे, जो अन्य महान उपन्यासों से अलग थी, वह थी ‘फ्लेश’ और ऐसा इसकी विशिष्टता के कारण हुआ. हमने इसके जैसा कुछ भी, कभी नहीं पढ़ा था. यह कई मायनों में एक डार्क किताब है, पर इसे पढ़ना आनंददायक है. उनके इस उपन्यास को पढ़ते हुए लगता रहा जैसे लेखक डेविड, पाठक को उस जगह को भरने, निरीक्षण करने- लगभग उसके साथ चरित्र बनाने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं. लेखन संयमित है और यही इसकी सबसे बड़ी शक्ति है. हर शब्द मायने रखता है, शब्दों के बीच की जगहें भी मायने रखती हैं. डेविड की यह किताब सचमुच अलग है.’


एक लेखक के रूप में डेविड जीवन की विभीषिका के अद्भुत चितेरे रहे हैं. ‘फ्लेश’ उपन्यास की कहानी हंगरी के हाउसिंग स्‍टेट से लेकर लंदन के अमीर तबके की हवेलियों तक फैली हुई है. इसमें भावनात्मक रूप से निसंग और उदासीन एक व्यक्ति की जीवन यात्रा उकेरी गयी है, जो परिस्थितियों की विवशता में बिखर जाता है. इस उपन्यास के अतिरिक्त वे ‘स्प्रिंग’ और ‘द इनोसेंट’ के साथ-साथ लघु कथा संग्रह ‘टर्बुलेंस’ के भी रचयिता हैं. मांट्रियल, कनाडा में एक हंगेरियन पिता और कनाडाई मां के घर 1974 में जन्मे डेविड का पालन-पोषण लंदन में हुआ. इसके बाद उनका परिवार बेरूत चला गया. पर लेबनान में गृह युद्ध शुरू होने के बाद उन्हें बेरूत छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा. स्नातक होने के बाद उन्होंने लंदन में बिक्री विभाग में विभिन्न नौकरियां कीं, पर लेखक बनने की अपनी महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए ब्रसेल्स और फिर हंगरी चले गये. अपनी आजीविका के लिए उन्होंने ‘बीबीसी’ के लिए कई रेडियो नाटक लिखे.

‘बीबीसी रेडियो 4’ के लिए 15 मिनट के कार्यक्रमों की एक शृंखला से उनकी लघु कथाओं की पहली पुस्तक, ‘टर्बुलेंस’ का जन्म हुआ था. ‘टर्बुलेंस’ में शामिल 12 कहानियां दुनियाभर की उड़ानों में विभिन्न लोगों का अनुसरण करती हैं. उनके लघु कथाओं का एक अन्य संग्रह, ‘ऑल दैट मैन इज’ को मैन बुकर पुरस्कार के लिए चुना गया था. यह भी सच है कि आधुनिक यूरोप की पीड़ा को जिस सूक्ष्मता से डेविड ने पकड़ा है, कोई अन्य पकड़ ही नहीं सकता. डेविड को 2010 में ‘द टेलीग्राफ’ की 40 वर्ष से कम आयु के शीर्ष 20 ब्रिटिश लेखकों की सूची में भी शामिल किया गया था.


‘फ्लेश’, एपिसोडिक होने के बावजूद, एकल नायक पर केंद्रित पारंपरिक उपन्यास के अधिक नजदीक है. डेविड को बुकर पुरस्कार मिलना उस युवा अंग्रेजी भाषा साहित्य को पहचान मिलना है, जिसमें नयी दुनिया तथा नये मनोविज्ञान के साथ तकनीक के दौर में जीते हुए मानवीय संबंधों का उल्लेख किया गया है. इस तरह की रचना डेविड की अद्भुत लेखन शैली की पहचान है. (ये लेखक के निजी विचार हैं.)

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डॉ कृष्ण कुमार रत्तू

लेखक के बारे में

By डॉ कृष्ण कुमार रत्तू

डॉ कृष्ण कुमार रत्तू is a contributor at Prabhat Khabar.

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