पहले भी हुए थे नगा शांति समझौते

Published at :21 Aug 2015 3:22 AM (IST)
विज्ञापन
पहले भी हुए थे नगा शांति समझौते

प्रभात खबर के सात अगस्त के विशेषांक में प्रकाशित ‘क्या नगालैंड में बंदूकें हमेशा के लिए खामोश हो जायेंगी?’ एक बड़ा प्रश्न है. इसका उत्तर एक शब्द में देना आसान नहीं है. नगा विद्रोह प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के समय से होता आ रहा है. प्रभात खबर ने खुद अपने प्रश्न का उत्तर […]

विज्ञापन
प्रभात खबर के सात अगस्त के विशेषांक में प्रकाशित ‘क्या नगालैंड में बंदूकें हमेशा के लिए खामोश हो जायेंगी?’ एक बड़ा प्रश्न है. इसका उत्तर एक शब्द में देना आसान नहीं है. नगा विद्रोह प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के समय से होता आ रहा है.
प्रभात खबर ने खुद अपने प्रश्न का उत्तर भी दिया है कि बीते 68 सालों में यह चौथा शांति समझौता है. जैसे वादे किये और तोड़े जाते हैं, कुछ यही हाल समझौतों का भी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नगा शांति समझौता केंद्र सरकार और नगा विद्रोहियों के बीच हुआ है.
इस समझौते में खापलांग गुट के लोग शामिल नहीं हैं, जो सबसे खतरनाक नगा विद्रोही माना जाता है. तो क्या यह मान लेना ही काफी है कि इस शांति समझौते से अब नगालैंड में विद्रोह नहीं किये जायेंगे. इस बात की तसदीक कौन करेगा, सरकार या विद्रोही?
भगवान ठाकुर, तेनुघाट
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola