विदेशियों से ज्यादा अपने लूट रहे हैं

Published at :15 Aug 2015 12:45 AM (IST)
विज्ञापन
विदेशियों से ज्यादा अपने लूट रहे हैं

पूरा देश 69वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. चारों ओर विशेष इंतजाम किये गये हैं. इस बीच मध्यम और गरीब वर्ग के लोगों के जेहन में एक सवाल जरूर उठता है कि क्या हम सही मायने में आजाद हैं? किताब के पन्नों और बुजुर्गो की जुबानी कहानियां हमें अंगरेजों की यातनाएं बताती हैं. उनको भारत […]

विज्ञापन
पूरा देश 69वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. चारों ओर विशेष इंतजाम किये गये हैं. इस बीच मध्यम और गरीब वर्ग के लोगों के जेहन में एक सवाल जरूर उठता है कि क्या हम सही मायने में आजाद हैं? किताब के पन्नों और बुजुर्गो की जुबानी कहानियां हमें अंगरेजों की यातनाएं बताती हैं.
उनको भारत से गये जमाना बीत गया, मगर देश के गरीब परिवारों के जीवन में आज तक खुशियां नहीं आयीं. पहले भारत गोरों की जंजीरों से बंधा था. उनके इशारों पर काम होता है. आज आजादी के 69 साल बाद भी देश में इशारों पर ही काम होता है, मगर अब विदेशी नहीं, बल्कि अपने ही घर के लोग यह काम कर रहे हैं.
आज स्थिति यह है कि गुलामी के वक्त में अंगरेजों ने जितना इस देश को नहीं लूटा, उससे कहीं अधिक घरवालों ने ही लूटने का काम किया है. हमें एक फिर से जागरूक होना होगा, तभी भारतीय आजाद होंगे.
हरिश्चंद्र महतो, बेलपोस, प सिंहभूम
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola