मुख्यधारा से जुड़ने का सुनहरा मौका
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :29 Jul 2015 12:04 AM (IST)
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सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यों वाली बेंच ने आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदियों की मुक्ति का अधिकार राज्यों को दे दिया है. इस फैसले के पीछे अहम कारण यह है कि यदि कारावास के दौरान व्यक्ति ने अपने आचरण में पहले की अपेक्षा सुधार कर लिया है, तो समाज की मुख्यधारा से जुड़ने […]
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सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यों वाली बेंच ने आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदियों की मुक्ति का अधिकार राज्यों को दे दिया है. इस फैसले के पीछे अहम कारण यह है कि यदि कारावास के दौरान व्यक्ति ने अपने आचरण में पहले की अपेक्षा सुधार कर लिया है, तो समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का एक मौका दिया जाना चाहिए, ताकि वह अपने परिवार और समाज के साथ जीवन के बाकी दिनों को गुजार सके.
यह मानवता के आधार पर अहम फैसला हो सकता है. हालांकि, माननीय कोर्ट ने इस प्रकार के मानवता आधारित फैसलों से उन कैदियों को दूर रखा है, जो किसी जघन्य अपराध की सजा आजीवन कारावास के रूप में काट रहे हों. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से देश के उन लाखों बेकसूर लोगों को जरूर पुनर्जीवन मिलेगा, जो बरसों से अपने परिजनों से बिछुड़े हुए हैं.
अनिल सक्सेना, जमशेदपुर
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