गंगा-जमुनी तहजीब के बीच योग
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :26 Jun 2015 5:38 AM (IST)
विज्ञापन

प्राचीन काल से गंगा-यमुना के मिलन को एक तहजीब के रूप में देखा गया है. हजारों साल से चला आ रहा हिंदू-मुस्लमान के बीच आपसी भाईचारा और सद्भावना इसके ज्वलंत उदाहरण हैं. कुछ राजनीतिक पार्टियां समय-समय पर निजी व राजनीतिक स्वार्थ के कारण इस भाईचारे को तोड़ने की कोशिश करती रहती हैं. जहां तक योग […]
विज्ञापन
प्राचीन काल से गंगा-यमुना के मिलन को एक तहजीब के रूप में देखा गया है. हजारों साल से चला आ रहा हिंदू-मुस्लमान के बीच आपसी भाईचारा और सद्भावना इसके ज्वलंत उदाहरण हैं.
कुछ राजनीतिक पार्टियां समय-समय पर निजी व राजनीतिक स्वार्थ के कारण इस भाईचारे को तोड़ने की कोशिश करती रहती हैं. जहां तक योग की बात है, यह हमारे लिए बड़े गर्व की बात है कि आज इसका प्रचार-प्रसार पूरे विश्व में हो चुका है. भारत के कुछ बड़े लोग सार्वजनिक तौर पर योग के फायदे के बारे में बोल चुके हैं.
आज हजारों मुस्लिम युवक-युवितयां योग शिक्षक के रूप में काम कर रहे हैं. देश की कुछ बड़ी राजनीतिक पार्टियों को डर है कि कहीं सामाजिक एकजुटता से इनकी राजनीतिक रोटियां पकनी बंद न हो जायें. इसलिए ऐसे लोग योग पर अनाप-शनाप कह रहे हैं.
संजीव कुमार पांडेय, रांची
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




