कोलकाता मामला लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी

Updated at : 08 Feb 2019 7:21 AM (IST)
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कोलकाता मामला लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी

शारदा व रोज वैली चिटफंड घोटाले की जांच के सिलसिले में कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार से पूछताछ करने पहुंचे सीबीआइ अधिकारी के साथ कोलकाता पुलिस ने जिस तरह का व्यवहार किया, वह निंदनीय है. जांच में मदद करने के बजाय पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री व पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार द्वारा धरना-प्रदर्शन संविधान के विरुद्ध […]

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शारदा व रोज वैली चिटफंड घोटाले की जांच के सिलसिले में कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार से पूछताछ करने पहुंचे सीबीआइ अधिकारी के साथ कोलकाता पुलिस ने जिस तरह का व्यवहार किया, वह निंदनीय है. जांच में मदद करने के बजाय पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री व पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार द्वारा धरना-प्रदर्शन संविधान के विरुद्ध है.

इस घोटाले का संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 2014 में ही सीबीआइ को जांच का आदेश दिया था, परंतु जांच में मदद तो दूर ममता बनर्जी द्वारा धरना-प्रदर्शन सुप्रीम कोर्ट व सीबीआइ का अपमान है. आसन्न लोकसभा चुनाव को लेकर सारे विपक्षी को लामबंद करने का व अपना राजनीतिक कद बढ़ाने का ममता बनर्जी का यह कदम गैरसंवैधानिक है.

डॉ हरि गोविंद प्रसाद, बेगूसराय

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