छलका मायावती का दलित प्रेम
Updated at : 20 Jul 2017 6:47 AM (IST)
विज्ञापन

मायावती को सहारनपुर में हुए दलितों पर अत्याचार के मामले पर राज्यसभा में निर्धारित समय के बाद बोलने पर टोका गया और रोका गया तो वे नाराज हो गयीं. गुस्से में उन्होंने तुरत ही राज्यसभा से अपना इस्तीफा दे दिया. यूपी विधानसभा में उनकी पार्टी बीएसपी को मात्र 19 सीटें मिली है यानी यूपी की […]
विज्ञापन
मायावती को सहारनपुर में हुए दलितों पर अत्याचार के मामले पर राज्यसभा में निर्धारित समय के बाद बोलने पर टोका गया और रोका गया तो वे नाराज हो गयीं.
गुस्से में उन्होंने तुरत ही राज्यसभा से अपना इस्तीफा दे दिया. यूपी विधानसभा में उनकी पार्टी बीएसपी को मात्र 19 सीटें मिली है यानी यूपी की जनता ने उनकी पार्टी को नकार दिया है. वहां की जनता ने मोदी के विकास मॉडल को चुना और जातिवाद वाले समीकरण से ऊपर उठ कर बीजेपी की सरकार के लिए वोट दिया है.
पार्टी की इस करारी हार के बाद अपनी स्थिति को मजबूत करने और जनता के बीच अपने दलित प्रेम को फिर से स्थापित करने के लिए ही मायावती ने ऐसा ड्रामा किया है. ऐसा लगता है कि वे जनता के बीच जातिवाद, भाई-भतीजावाद को बढ़ावा देना चाहती हैं. इसलिए उन्होंने सामान्य सी बात को इतना तूल दिया है.
कांतिलाल मांडोत, इमेल से
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




