आरक्षण पर विवाद न हो

Updated at : 18 Jul 2017 6:03 AM (IST)
विज्ञापन
आरक्षण पर विवाद न हो

देश में जाति, धर्म, अमीर-गरीब, ऊंच-नीच जैसी कुरीतियां गहरी पैठ बना चुकी है. देश की राजनीति भी इससे अछूती नहीं है. फलस्वरूप हमारे नीति निर्धारकों ने शुरू में ही समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए आरक्षण की व्यवस्था की थी, जो अभी तक चल रही है. समय-समय पर इसकी समीक्षा होती है और […]

विज्ञापन

देश में जाति, धर्म, अमीर-गरीब, ऊंच-नीच जैसी कुरीतियां गहरी पैठ बना चुकी है. देश की राजनीति भी इससे अछूती नहीं है. फलस्वरूप हमारे नीति निर्धारकों ने शुरू में ही समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए आरक्षण की व्यवस्था की थी, जो अभी तक चल रही है.

समय-समय पर इसकी समीक्षा होती है और इस व्यवस्था को फिर बढ़ाया जाता है. आरक्षण प्राप्त होने के कारण ही कमजोर वर्गों को नौकरी के साथ ही अन्य क्षेत्रों में प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलता है. अगर आरक्षण का पैमाना जाति ना होकर गरीबी किया जायेगा, तो इनकी स्थिति दयनीय हो जाएगी क्योंकि यहां जाति प्रथा होने के कारण गरीब होने पर भी वे आरक्षण का लाभ नहीं ले पायेंगे.

अनमोल रंजन, रांची.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola