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ranchi

  • Feb 11 2019 1:11PM
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Jharkhand : आठवीं बोर्ड परीक्षा के OMR शीट में गड़बड़ी से बच्चे परेशान, JAC ने किया यह काम

Jharkhand : आठवीं बोर्ड परीक्षा के OMR शीट में गड़बड़ी से बच्चे परेशान, JAC ने किया यह काम

प्रभात खबर टीम

रांची : झारखंड में आठवीं बोर्ड की परीक्षा में विद्यार्थियों को परेशानियों से गुजरना पड़ा. प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिका में समानता नहीं होने की वजह से छात्र-छात्राओं में भ्रम की स्थिति रही. गड़बड़ी सामने आते ही इस संबंध में सभी केंद्र अधीक्षकों को निर्देश जारी किये गये थे कि बच्चों को बताया जाये कि ओएमआर शीट में उत्तर कैसे अंकित करना है. इसमें कह दिया गया कि हिंदी के प्रश्नों के उत्तर के लिए 1 से 20, अंग्रेजी के लिए 21 से 40, गणित के लिए 41 से 60, विज्ञान के लिए 61 से 80 और सामाजिक विज्ञान के लिए क्रम संख्या 81 से 100 तक अंकित करें.

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दरअसल, परीक्षा ओएमआर (OMR) शीट पर हो रही है. पांच विषयों (हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और समाज विज्ञान) के 20-20 प्रश्न पूछे गये हैं. इस तरह विद्यार्थियों को कुल 100 प्रश्नों के जवाब देने हैं. प्रश्न पत्र में हर विषय के 20-20 सवाल हैं. इसलिए प्रश्नों की जो सूची बनायी गयी है, उसमें नंबरिंग 1 से 20 तक है. वहीं, जवाबों की जो सूची है, वह सवालों के अनुसार न होकर सीधे 1-100 (एक से 100 तक) है. इससे विद्यार्थियों को उत्तर लिखने में दिक्कत हुई.


बड़कागांव के एक परीक्षा केंद्र पर परीक्षा लिख रहे बच्चे. तस्वीर : संजय सागर

हजारीबाग जिला के बड़कागांव में परीक्षा देने पहुंचे बच्चों के अभिभावकों ने ओएमआर शीट में गड़बड़ी के अलावा एक और गड़बड़ी की शिकायत की. उनका कहना था कि एडमिट कार्ड में दो-दो विद्यार्थियों को एक ही रोल नंबर अलॉट कर दिया गया. इससे परीक्षा केंद्र पर पहुंचे बच्चे घबरा गये. हालांकि, परीक्षा केंद्र पर मौजूद शिक्षकों ने इस स्थिति से बखूबी निबट लिया.

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झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने पहले ही इसकी वैकल्पिक व्यवस्था कर ली थी. जैक ने एक फॉर्म और खाली ओएमआर शीट भेजी थी. जिनके रोल नंबर में गड़बड़ी थी, अलग से एक कागज पर उनकी अटेंडेंस दर्ज की गयी और खाली ओएमआर शीट पर उन्हें परीक्षा देने की अनुमति दे दी गयी.


कांके में इम्तहान दे रहे विद्यार्थी. फोटो : सुजीत केसरी

परीक्षा देकर बाहर निकले बच्चों ने बताया कि बेहद सरल प्रश्न पूछे गये थे. यदि प्रश्न और उत्तर पुस्तिका के सीरियल नंबर की गड़बड़ी को छोड़ दिया जाये, तो इम्तहान की व्यवस्था बहुत बढ़िया रही.

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कुछ ऐसे भी अभिभावक हजारीबाग जिला में मिले, जिन्होंने कहा कि सरस्वती पूजा के मद्देनजर इस परीक्षा को टाल दिया जाना चाहिए था.

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