वायुसेना की महिला अधिकारी का हुआ टू-फिंगर टेस्ट, महिला आयोग ने कहा-सुप्रीम कोर्ट ने किया बैन तो फिर…

Updated:
विज्ञापन

यौन हमले की शिकार 28 वर्षीय महिला अधिकारी ने कहा है कि वह सदमे में है और इस टेस्ट के कारण उसे काफी आहत लगा है. महिला के साथ उसके सहकर्मी ने दुर्व्यवहार किया था.

विज्ञापन

वायु सेना की एक महिला अधिकारी का टू-फिंगर टेस्ट कराने पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने आपत्ति जतायी है. साथ ही टू-फिंगर टेस्ट कराये जाने पर वायुसेना प्रमुख से कार्रवाई की मांग की है.

विज्ञापन

पीटीआई न्यूज के अनुसार यौन हमले की शिकार 28 वर्षीय महिला अधिकारी ने कहा है कि वह सदमे में है और इस टेस्ट के कारण उसे काफी आहत लगा है. महिला के साथ उसके सहकर्मी ने दुर्व्यवहार किया था. आयोग ने एक खबर का हवाला देते हुए कहा राष्ट्रीय महिला आयोग बहुत निराश है और भारतीय वायुसेना के चिकित्सकों द्वारा प्रतिबंधित टू-फिंगर टेस्ट कराने के कदम की निंदा करता है. यह उच्चतम न्यायालय के आदेश का उल्लंघन है और साथ ही, निजता एवं महिला के गरिमामयी जीवन जीने के अधिकार का भी हनन है.

Also Read: कपिल सिब्बल सच्चे कांग्रेसी हैं, उनकी बात सुनी जानी चाहिए, अब शशि थरूर भी आये पक्ष में कह दी ये बड़ी बात…

महिला आयोग ने वायुसेना प्रमुख को पत्र लिखा

महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने वायुसेना प्रमुख को पत्र लिखा है और उनसे आवश्यक कदम उठाने को कहा है. महिला अधिकारी का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में पिछले सप्ताह एक फ्लाइट लेफ्टिनेंट को गिरफ्तार किया गया था.

क्या है टू-फिंगर टेस्ट

टू फिंगर टेस्ट वह प्रक्रिया है, जिसमें महिला के प्राइवेट पार्ट में दो अंगुली डालकर यह टेस्ट किया जाता है कि वह वर्जिन है या नहीं. इसके जरिये हाइमन की उपस्थिति का पता लगाया जाता है. सुप्रीम कोर्ट ने 2013 में इसे अनैतिक बताते हुए इसपर बैन लगा दिया था. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी टू-फिंगर टेस्ट को अवैज्ञानिक और यातना देने वाला बताया है.

Posted By : Rajneesh Anand

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola