Sudan Fighting: सूडान में फंसे हक्की पिक्की जनजाति के 31 भारतीय, सिद्धारमैया ने केंद्र से मांगी मदद

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कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने केंद्र सरकार, विदेश मंत्रालय और कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई से तत्काल हस्तक्षेप करने और गृहयुद्ध से परेशान सूडान में फंसे हक्की पिक्की जनजाति के कर्नाटक के 31 लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने का आग्रह किया है.

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सूडान में सेना और एक शक्तिशाली अर्द्धसैनिक बल के बीच संघर्ष लगातार जारी है. जिसमें 180 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1800 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं. इस बीच खबर आ रही है कि हिंसाग्रस्त सूडान में 31 भारतीय फंस गये हैं, जिनकी मदद के लिए कर्नाटक कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय से आग्रह किया है.

सूडान में फंसे हक्की पिक्की जनजाति के 31 भारतीय

कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने केंद्र सरकार, विदेश मंत्रालय और कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई से तत्काल हस्तक्षेप करने और गृहयुद्ध से परेशान सूडान में फंसे हक्की पिक्की जनजाति के कर्नाटक के 31 लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने का आग्रह किया है. उन्होंने इसको लेकर एक के बाद एक कई ट्वीट किये.

भारतीय दूतावास की भारतीयों को घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह

सूडान की राजधानी खार्तूम में जारी व्यापक हिंसा के बीच वहां भारतीय दूतावास ने सोमवार को जारी अपने ताजा परामर्श में भारतीयों से अपने घरों से बाहर नहीं निकलने एवं शांत रहने को कहा है.

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सूडान में तीसरे दिन भी संघर्ष जारी, अब तक 180 से अधिक लोगों की मौत

सूडान में शीर्ष दो जनरल के प्रति वफादार सैन्य बलों के बीच लड़ाई में अबतक 180 से अधिक लोग मारे गये हैं. देश में लगातार तीसरे दिन भी सेना और एक शक्तिशाली अर्द्धसैनिक बल के बीच संघर्ष जारी रहा. देश की राजधानी खार्तूम और इसके निकटवर्ती शहर ओमडर्मन में हवाई हमले और गोलाबारी तेज हो गई है. सैन्य मुख्यालय के पास लगातार गोलाबारी होने की आवाज सुनाई दी.

सूडान में अबतक 1800 से अधिक लोग घायल

संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष प्रतिनिधि वोल्कर पर्थेस ने कहा कि शनिवार को शुरू हुए संघर्ष में अब तक 1,800 से अधिक लोग घायल हुए हैं. इस बीच, हिंसा समाप्त करने के लिए सूडान पर कूटनीतिक दबाव बढ़ रहा है. अमेरिकी विदेश मंत्री, संयुक्त राष्ट्र महासचिव, यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख, अरब लीग के प्रमुख और अफ्रीकी संघ आयोग के प्रमुख सहित शीर्ष राजनयिकों ने दोनों पक्षों से लड़ाई बंद करने का आहृवान किया. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने कहा कि वह अरब लीग, अफ्रीकी संघ और क्षेत्र के नेताओं के साथ बात कर रहे हैं तथा संघर्ष खत्म करने के लिए आग्रह कर रहे हैं.

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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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