Weather Forecast: नवंबर में कैसा रहेगा मौसम, कहां होगी बारिश, 1901 के बाद छठी बार मानसून ने दिया दगा
Published by : Pritish Sahay Updated At : 31 Oct 2023 9:30 PM
1 नवंबर को दक्षिणी कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक या दो स्थानों पर भारी बारिश संभव है. तटीय आंध्र प्रदेश, गोवा और तटीय कर्नाटक में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.

Weather Forecast: भारत में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है. बारिश के बाद अब कई राज्यों में ठंड की दस्तक शुरू हो गई है. सुबह-शाम तापमान में गिरावट आती जा रही है. पूरे वातावरण में गुलाबी सर्दी फैलने लगी है. वहीं, स्काईमेट वेदर के अनुसार अफगानिस्तान और आसपास के इलाकों पर एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है.

स्काईमेट वेदर के मुताबिक दक्षिण-पूर्वी राजस्थान पर एक प्रतिचक्रवात बना हुआ है. बांग्लादेश पर एक और चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है. इस कारण बीते 24 घंटों के दौरान देश भर में लक्षद्वीप में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई. तमिलनाडु, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट पर कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई.

वहीं, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, तटीय कर्नाटक और केरल में हल्की से मध्यम बारिश हुई. उत्तराखंड और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में हल्की बारिश हुई. जबकि, दिल्ली और एनसीआर का वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद खराब से गंभीर श्रेणी में बना हुआ है.

स्काईमेट वेदर के मुताबिक कल यानी 1 नवंबर को दक्षिणी कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक या दो स्थानों पर भारी बारिश संभव है. तटीय आंध्र प्रदेश, गोवा और तटीय कर्नाटक में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.

इसके अलावा सिक्किम और जम्मू-कश्मीर में अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश संभव है. 24 घंटों के बाद दक्षिणी ओडिशा में हल्की बारिश की संभावना है.

वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि उत्तर पूर्वी मानसून के तहत दक्षिण भारत के मुख्य क्षेत्र में 1901 के बाद छठी बार अक्टूबर में सबसे कम बारिश हुई है. आईएमडी ने यह भी कहा कि 1980 से 2022 के आंकड़ों से पता चलता है कि तमिलनाडु और आसपास के क्षेत्रों में उत्तर पूर्वी मानसून के तहत बारिश की शुरुआत में विलंब की प्रवृत्ति है.

आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उत्तर पूर्वी मानसून के तहत दक्षिण प्रायद्वीप के मुख्य क्षेत्र में 1901 के बाद अक्टूबर के महीने में छठी बार सबसे कम बारिश हुई है. दक्षिणी प्रायद्वीप में तटीय आंध्र प्रदेश के पांच उपमंडल, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, दक्षिणी कर्नाटक के अंदरुनी हिस्से और केरल शामिल हैं.

पात्रा ने कहा कि जब-जब अल नीनो और हिंद महासागर डिपोल सक्रिय था तब-तब तमिलनाडु और उसके आसपास के इलाकों में अक्टूबर के महीने में कम बारिश दर्ज की गई है.

अल नीनो स्थिति में भारत में कमजोर मानसूनी हवाओं और शुष्क स्थितियों से जुड़ी हैं. अल नीनो स्थिति में दक्षिण अमेरिका के पास प्रशांत महासागर में पानी की धाराएं गर्म हो जाती हैं. महापात्र ने कहा कि अल नीनो की स्थिति के अगले मानसून के मौसम में जारी रहने की संभावना नहीं है.

आईएमडी ने यह भी कहा कि उत्तर पश्चिम एवं पश्चिम मध्य भारत के कुछ इलाकों को छोड़कर देश के ज्यादातर हिस्सों में नवंबर में अधिकतम तापमान के सामान्य से अधिक रहने की संभावना है. (भाषा इनपुट से साभार)
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By Pritish Sahay
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