Weather Forecast: जनवरी में क्यों सता रही है गर्मी! क्या सर्दी की हो गई है विदाई, जानें मौसम पर IMD का ताजा अपडेट

Published by : Pritish Sahay Updated At : 23 Jan 2025 6:45 AM

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Rain Alert

Weather Forecast: जनवरी महीने में उत्तर भारत और मध्य भारत के लोगों को भीषण सर्दी की बजाए हल्की गर्मी का अहसास हो रहा है. हालांकि आईएमडी ने बताया है कि मौसमी गतिविधियों के कारण पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवा रुक गई है. 26 जनवरी के बाद एक बार फिर मौसम में बदलाव नजर आ सकता है. अगले दो दिनों तक दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई जिलों में गरज चमक के साथ बारिश हो सकती है.

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Weather Forecast: देश में मौसम का मिजाज बदल गया है. उत्तर भारत में जनवरी के महीने में हल्की गर्मी का अहसास हो रहा है. दिल्ली,यूपी, राजस्थान, झारखंड, पंजाब, हरियाणा समेत कई और राज्यों में अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. अधिकांश राज्यों में अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है. यही हाल मध्य भारत का भी है. मध्य प्रदेश समेत कई और राज्यों में अचानक से गर्मी बढ़ गई है. ऐसे मौसम को लेकर कई लोग समझ रहे हैं कि सर्दी खत्म हो गई है. हालांकि यह सही नहीं है, मौसम विभाग का अनुमान है कि अभी सर्दी खत्म नहीं हुई है. आईएमडी का अनुमान है कि मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है.

पश्चिमी विक्षोभ का दिख सकता है असर

मौसम विभाग का अनुमान है कि एक पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव है. इसके कारण मौसम का मिजाज बदल रहा है. विभाग ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ 22 जनवरी से एक्टिव हो गया है. इसके असर के कारण दिल्ली, यूपी, राजस्थान समेत कई और राज्यों में बारिश की चेतावनी जारी की गई है. आईएमडी ने यह भी अनुमान जताया है कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण अगले दो से तीन दिनों तक उत्तर भारत और मध्य भारत के कुछ राज्यों में बारिश हो सकती है.

पहाड़ों पर जारी है बर्फबारी

मंगलवार रात से ही कश्मीर के कई इलाकों में बर्फबारी हो रही है. ऊंचाई वाले इलाके में हुए हिमपात के बाद बुधवार को न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई. मंगलवार को गुलमर्ग, सोनमर्ग और कश्मीर के कुछ अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में रातभर हिमपात हुआ. हिमपात के बाद घाटी में रात के तापमान में कमी आई. मौसम विभाग का अनुमान है कि आज यानी गुरुवार को भी ऊंचाई पर बर्फबारी जारी रह सकती है. कुछ इलाकों में बारिश की भी संभावना है.

क्यों अचानक से बढ़ गया है तापमान?

स्काईमेट वेदर के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसमी प्रणालियों में बदलाव आया है. जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है. वहीं राजस्थान में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. इन मौसमी प्रणालियों ने पहाड़ों से ठंडी हवाओं के प्रवाह को मैदानी इलाकों में पहुंचने से रोक दिया है. इसके रोक दिया है, जिससे तापमान बढ़ गया है. अगले दो दिनों में ये मौसम प्रणालियां पूर्व की ओर बढ़ जाएंगी. इसके बाद एक बार फिर ठंड का दौर शुरू हो सकता है. मौसम के जानकारों की राय है कि 26 जनवरी के बाद से एक बार फिर ठंड में इजाफा हो सकता है.

दिल्ली समेत इन राज्यों में बारिश का अलर्ट

पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश की संभावना है. मौसम विभाग ने दो दिनों तक दिल्ली में गरज चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है. आईएमडी के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर के आसमान पर बादलों का डेरा रहेगा. इसके अलावा राजस्थान और यूपी के कई इलाकों में बारिश की संभावना है.

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लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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