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अनिल देशमुख मामले में मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह के खिलाफ वारंट जारी

Updated at : 07 Sep 2021 3:57 PM (IST)
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अनिल देशमुख मामले में मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह के खिलाफ वारंट जारी

परम बीर सिंह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) को लिखे पत्र में कहा था कि अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) ने मुंबई के पुलिस अधिकारियों को रेस्टोरेंट और बार मालिकों से पैसे वसूलने के निर्देश दिये हैं.

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मुंबई: महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख पर लगाये गये भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए बने आयोग ने मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है. बंबई हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस कैलाश उत्तमचंद चांदीवाल ने मंगलवार को यह वारंट जारी किया और परम बीर को व्यक्तिगत रूप से जांच आयोग के समक्ष पेश होने के लिए कहा. महाराष्ट्र सरकार ने परम बीर सिंह की ओर से राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख पर लगाये गये गंभीर आरोपों की जांच के लिए मार्च में आयोग का गठन किया था.

परम बीर सिंह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) को लिखे एक पत्र में आरोप लगाया था कि अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) ने मुंबई के पुलिस अधिकारियों को रेस्टोरेंट और बार के मालिकों से पैसे की वसूली करने के निर्देश दिये हैं. इस सनसनीखेज आरोप के बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एक सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया और उसे छह महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देने के लिए कहा.

जांच आयोग को छह महीने के भीतर यह बताना था कि क्या परम बीर सिंह के आरोपों की एंटी करप्शन ब्यूरो से जांच कराने की जरूरत है. सरकार ने कहा है कि अगर परम बीर सिंह अपने आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य पेश करते हैं, जिससे यह साबित हो कि अनिल देशमुख या उनके कार्यालय के किसी भी कर्मचारी ने कुछ गलत किया है, जैसा कि मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर ने अपने पत्र में आरोप लगाये हैं, तो आयोग उस मामले में उचित कार्रवाई की अनुशंसा कर सकता है.

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परम बीर सिंह ने बंबई हाईकोर्ट में 4 अगस्त को एक याचिका दाखिल करके जांच आयोग को भंग करने का आदेश देने की मांग की. अपील में श्री सिंह ने कहा है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट और बंबई हाईकोर्ट दोनों ने सीबीआई जांच के आदेश पहले ही दे दिये हैं. इसलिए चांदीवाल कमीशन की जांच की कोई जरूरत नहीं रह जाती.

चांदीवाल कमीशन ने परम बीर पर तीन बार लगाया जुर्माना

जांच आयोग के समक्ष पेश नहीं होने पर चांदीवाल कमीशन ने परम बीर सिंह पर कई बार जुर्माना लगाया है. जून में 5,000 रुपये और अगस्त में दो बार 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया था. मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह के खिलाफ चार प्राथमिकयां दर्ज की गयी हैं. इनमें से दो प्राथमिकी मुंबई औ दो ठाणे में दर्ज हुई हैं. 21 अगस्त को चौथी प्राथमिकी दर्ज की गयी.

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मुंबई पुलिस ने एक व्यवसायी के आरोप के आधार पर परम बीर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. व्यवसायी ने परम बीर पर फिरौती मांगने के आरोप लगाये थे. ठाणे पुलिस की ओर से परम बीर के खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया जा चुका है, ताकि वह देश छोड़कर भाग न सकें.

Posted By: Mithilesh Jha

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