Viral Video : ताज होटल के सामने साड़ी में लड़की ने किया ऐसा डांस, भीड़ हुई बेकाबू

ताज होटल के सामने डांस
Viral Video : सौम्या ने बिलकुल देसी अंदाज में डांस किया है. सौम्या का पहनावा भी बहुत आकर्षक है, जिसकी वजह से रील देखने वाले उसके वीडियो पर रूक जाते हैं. ‘छतरी ना खोल बरसात में ’ जैसे रोमांटिक गाने पर इतना बढ़िया परफार्मेंस है कि बस वाह कहने का मन करता है.
Viral Video : मुंबई के ताज होटल के सामने एक लड़की ने हरी साड़ी पहनकर ऐसा डांस किया कि लोगों की भीड़ उसका डांस देखने के लिए जमा हो गई. भीड़ में खड़े लोग इस बेहतरीन डांस परफार्मेंस का मजा लेते और वीडियो बनाते दिख रहे हैं.
छतरी ना खोल बरसात में पर लगाया ठुमका
वायरल वीडियो में जो लड़की डांस कर रही है, उसका नाम सौम्या ठाकुर है. सौम्या ने बिलकुल देसी अंदाज में डांस किया है. साड़ी की ड्रेपिंग भी खुले पल्ले में की है और बालों को हल्के पिन के साथ खुला छोड़ा है. सौम्या ने बिलकुल मौसम के अनुसार गाना चुना है. बारिश के मौसम में जब वो छतरी लेकर डांस करने आती है और बड़े ही रोमांटिक अंदाज में छतरी को हवा में फेंक कर नाचना शुरू करती है, तो लोगों को बड़ा मजा आता है. अधिकतर कमेंट में आग लगाने और लव का इमोजी भेजा जा रहा है.
रील क्रियेटर हैं सौम्या ठाकुर
सौम्या ठाकुर एक रील क्रियेटर हैं और वो लगातार पब्लिक प्लेस में हिंदी फिल्मों के गाने पर रील्स बनाती रहती हैं. सौम्या के रील्स को बहुत पसंद भी किया जाता है. यह गाना गोपी-कृष्ण मूवी का है, जिसमें सुनील शेट्टी और शिल्पा शिरोडकर एक्टिंग कर रहे हैं.
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By रजनीश आनंद
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.
राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.
रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.
आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.
रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.
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