वीर सावरकर या मनमोहन सिंह… डीयू के प्रस्तावित नये कॉलेज का क्या होगा नाम! NSUI ने की यह मांग
Published by : Pritish Sahay Updated At : 02 Jan 2025 10:13 PM
Veer Savarkar College: वीर सावरकर या मनमोहन सिंह
Veer Savarkar College: दिल्ली विश्वविद्यालय के वीर सावरकर कॉलेज की शिलान्यास से पहले ही बवाल मचा है. पीएम मोदी कल कॉलेज का शिलान्यास कर सकते हैं. इस बीच कांग्रेस छात्र संगठन एनएसयूआई ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर मांग की है कि इसका नाम पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नाम पर रखा जाए.
Veer Savarkar College: दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रस्तावित नये कॉलेज का नाम नाम क्या होगा? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को नजफगढ़ में वीर सावरकर कॉलेज की आधारशिला रखने वाले हैं. इस बीच गुरुवार को कांग्रेस की छात्र शाखा नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा है. एनएसयूआई ने अपने पत्र में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रस्तावित नये कॉलेज का नाम वीर सावरकर की बजाय पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नाम पर रखने का आग्रह किया है. इस संस्थान को 2021 में दिल्ली विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद की ओर से अनुमोदित किया गया था.
NSUI ने लिखा पीएम मोदी को पत्र
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी की ओर से प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि शिक्षा और प्रशासन में मनमोहन सिंह के योगदान को देखते हुए उनके नाम पर कॉलेज का नाम रखें. उन्होंने अपने पत्र में सिंह की विरासत का सम्मान करने की अपील की है. पत्र में चौधरी ने लिखा है कि “माननीय प्रधानमंत्री जी, आप वीर सावरकर के नाम पर, दिल्ली विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले एक कॉलेज का उद्घाटन करने वाले हैं. एनएसयूआई दृढ़ता से मांग करती है कि इस संस्थान का नाम पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी के नाम पर रखा जाए. उनके हाल ही में हुए निधन से एक बड़ी क्षति हुई है और उनके योगदान और विरासत को सम्मानित करने का सबसे अच्छा तरीका यह होगा कि प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों को उनके नाम पर समर्पित किया जाए.”
शैक्षणिक पाठ्यक्रम में भी किया जाए शामिल
एनएसयूआई ने अपने पत्र में पीएम मोदी से मांग की है कि विभाजन के बाद छात्र से लेकर विश्व भर में पहचान बनाने तक की मनमोहन सिंह की जीवन यात्रा को शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक विद्वान, अर्थशास्त्री और लोक सेवक के रूप में सिंह की विरासत लचीलेपन, योग्यता और लोक कल्याण के प्रति समर्पण का प्रतीक है. उन्होंने कहा है कि सरकार को भारत के लिए सिंह के योगदान को मान्यता देने के लिए तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए. बता दें, 26 दिसंबर को एम्स में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का निधन हो गया था.
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