उत्तराखंड सुरंग हादसा : टनल में फंसे मजदूरों से मात्र 20 मीटर दूर हैं बचावकर्मी, जल्दी ही मिलेगी ‘जिंदगी’

प्रधानमंत्री कार्यालय के पूर्व सलाहकार भास्कर खुल्बे ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह हमारे लिए बहुत ही खुशी की बात है कि ड्रिल करते हुए 39 मीटर तक खुदाई की जा चुकी है. सब कुछ अच्छा अच्छा चल रहा है, जल्दी ही हम 60 मीटर तक की खुदाई कर लेंगे और मजदूरों को बाहर निकाल लिया जाएगा.
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को बाहर निकालने के लिए बचाव कार्य अभी भी जारी है, लेकिन अभी तक किसी भी मजदूर को बाहर नहीं निकाला गया है. बुधवार सुबह प्रधानमंत्री कार्यालय के पूर्व सलाहकार भास्कर खुल्बे और उत्तरकाशी के जिला मजिस्ट्रेट अभिषेक रुहेला सिलक्यारा सुरंग के पास पहुंचे, जहां दुर्घटना हुई है. दोनों अधिकारियों ने वहां स्थिति का जायजा लिया.
#WATCH | Uttarkashi (Uttarakhand) tunnel rescue | Former advisor to the Prime Minister's Office, Bhaskar Khulbe says "It is a matter of great pleasure for us that 39 metres of pipeline has been drilled from inside the horizontal pipeline tunnel. Everything is going good. I spoke… pic.twitter.com/MlCENo2msm
— ANI (@ANI) November 22, 2023
गौरतलब है कि 12 नवंबर को उत्तरकाशी में सुरंग का एक हिस्सा ढह जाने के बाद 41 श्रमिक फंस गए हैं, जिन्हें बाहर निकालने के लिए बचाव कार्य जारी है. सुरंग में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए दूसरी ओर से सुरंग बनाया जा रहा है. प्रधानमंत्री कार्यालय के पूर्व सलाहकार भास्कर खुल्बे ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह हमारे लिए बहुत ही खुशी की बात है कि ड्रिल करते हुए 39 मीटर तक खुदाई की जा चुकी है. सब कुछ अच्छा अच्छा चल रहा है, जल्दी ही हम 60 मीटर तक की खुदाई कर लेंगे और मजदूरों को बाहर निकाल लिया जाएगा. भास्कर खुल्बे ने बताया कि मैंने उन लोगों से बात की है, उनका हौसला बुलंद है, जल्दी ही सबकुछ ठीक हो जाएगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बचाव कार्यों के बारे में जानकारी ली है. ज्ञात हो कि अमेरिकी ऑगर मशीन से मंगलवार देर रात फिर से ड्रिलिंग शुरू कर दी गयी और अब तक मलबे के 40 मीटर अंदर तक पाइप डाले जा चुके हैं. शुक्रवार को ड्रिलिंग मशीन की किसी चट्टान ने टकरा गई थी उसके बाद ड्रिलिंग रोक दी गई थी, लेकिन अब ड्रिलिंग फिर से शुरू हो गई है.
सुरंग के अंदर पाइपलाइन बिछाकर मजदूरों को खाना और पानी पहुंचाया जा रहा है. मंगलवार को मजदूरों का वीडियो भी सामने आया, जिसमें वे सुरंग के अंदर सुरक्षित पाए गए हैं. उन्हें जल्द से जल्द बाहर निकालने की प्रक्रिया जारी है.
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By रजनीश आनंद
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.
राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.
रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.
आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.
रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.
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