'तबलीगी जमात के गुनाह को पूरे समुदाय के गुनाह के तौर पर नहीं देखा जा सकता'
Author : KumarVishwat Sen Published by : Prabhat Khabar Updated At : 23 Apr 2020 4:38 PM
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने तब्लीगी जमात प्रकरण के बाद खड़े हुए विवाद को लेकर गुरुवार को कहा कि किसी एक संस्था या व्यक्ति के गुनाह को पूरे समुदाय के गुनाह के तौर पर नहीं देखा जा सकता.
नयी दिल्ली : केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने तब्लीगी जमात प्रकरण के बाद खड़े हुए विवाद को लेकर गुरुवार को कहा कि किसी एक संस्था या व्यक्ति के गुनाह को पूरे समुदाय के गुनाह के तौर पर नहीं देखा जा सकता. उन्होंने समाचार एजेंसी भाषा को दिए साक्षात्कार में यह विश्वास भी जताया कि रमजान के पवित्र महीने में संपूर्ण मुस्लिम समुदाय लॉकडाउन और सामाजिक दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) से जुड़े दिशानिर्देशों का पालन करते हुए अपने घर पर इबादत एवं इफ्तार करेगा.
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मीडिया और सोशल मीडिया पर छिड़ी है बहस : नकवी का यह बयान तबलीगी जमात के एक आयोजन में शामिल हुए कई लोगों के कोरोना से संक्रमित पाए जाने के बाद सोशल मीडिया एवं कुछ अन्य जगहों पर विवादित बहस छिड़ने की पृष्ठभूमि में आया है. इसी विवाद के बीच पिछले दिनों इस्लामी देशों के संगठन ओआईसी ने भारत में अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लेकर चिंता जतायी, जिसके बाद नकवी ने कहा था कि भारत मुसलमानों के लिए स्वर्ग है और यहां अल्पसंख्यक समुदायों के सामाजिक, आर्थिक एवं धार्मिक अधिकार पूरी तरह सुरक्षित हैं.
जमात की लापरवाही की ज्यादातर मुसलमानों ने की निंदा : तब्लीगी जमात प्रकरण के बाद सामने आई कुछ कथित घटनाओं पर नकवी ने कहा कि किसी एक संस्था या किसी एक व्यक्ति के गुनाह को पूरे समुदाय का गुनाह नहीं कहा जा सकता. उस संस्था ने जो भी अपराधिक लापरवाही या अपराध किया, उसकी ज्यादातर मुसलमानों ने निंदा की और कार्रवाई की बात की. इसलिए किसी एक संस्था के गुनाह को पूरे कौम के गुनाह के रूप में नहीं देख सकते.
फर्जी खबरें और अफवाह फैलाने वाले देश और इंसानियत के दुश्मन : नकवी के मुताबिक, जमात प्रकरण के बाद फर्जी खबरें और अफवाह फैलाने वाले पूरे देश और इंसानियत के दुश्मन हैं. उन्होंने कहा कि फर्जी खबरें, अफवाहें फैलाने वाले और गुमराह करने वाली चीजें कुछ लोग पूर्वाग्रह के साथ कर रहे हैं. कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई में जो एकजुटता दिखाई दे रही है, जो कुछ लोगों को वह हजम नहीं हो रही है. वे लोग एकजुटता को तोड़ना चाहते हैं. ये लोग मुल्क और पूरी इंसानियत के दुश्मन हैं.
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रमजान में अपने घरों पर ही इबादत और इफ्तार करेंगे : मंत्री ने कहा कि ऐसा करने वाले मुट्ठी भर लोग हैं, जिन्हें अलग-थलग करने की जरूरत है. हाल ही में राज्य वक्फ बोर्डों और उलेमाओं से बात करने के बाद लोगों से रमजान में लॉकडाउन का पूरी तरह पालन करने की अपील करने वाले अल्पसंख्यक कार्य मंत्री ने विश्वास जताया कि सभी लोग इस पवित्र महीने में अपने घरों पर ही इबादत और इफ्तार करेंगे.
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मस्जिदों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर नहीं होगी नमाज : उन्होंने कहा कि कोई भी मुसलमान रमजान में मस्जिदों से दूर नहीं रहना चाहता, लेकिन कोरोना के कहर के कारण पूरी दुनिया और हिंदुस्तान के उलेमा एवं संगठनों ने तय किया है कि इस पाक महीने में मस्जिदों, अन्य धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर नमाज और इफ्तार का आयोजन नहीं करेंगे. यह अच्छी बात है. नकवी ने मुस्लिम समुदाय से यह अपील भी की कि हमें इस महीने खुदा से दुआ करनी चाहिए कि हमारे मुल्क और पूरी दुनिया को कोराना से निजात मिले और इंसानियत की रक्षा हो.
कोरोना के खिलाफ लड़ाई में पीएम के साथ खड़ा है देश का मुसलमान : यह पूछे जाने पर कि पूरा मुस्लिम समुदाय कोरोना के खिलाफ लड़ाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़ा दिख रहा है, तो उन्होंने कहा कि बिल्कुल. पूरा देश इस लड़ाई में एकजुट होकर साथ खड़ा हुआ है. नरेंद्र मोदी जी ने जब हाथ जोड़कर मुल्क के नागरिकों से अपील की थी, तो सभी 130 करोड़ लोगों से अपील की थी. उनकी अपील को सभी ने स्वीकार किया और उस पर पूरी तरह अमल किया. नकवी के अनुसार, देश के सभी लोगों को यकीन है कि प्रधानमंत्री लोगों और देश के भले के लिए काम कर रहे हैं.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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