‘आदिवासी और विधवा हैं राष्ट्रपति, यही वजह है कि नई संसद में नहीं बुलाया,’ उदयनिधि स्टालिन ने दिया विवादित बयान
मंत्री उदयनिधी स्टालिन ने कहा कि मुर्मू को न तो कुछ महीने पहले नए संसद भवन के उद्घाटन में आमंत्रित किया गया था और न ही उन्हें वर्तमान में इसके पहले सत्र में बुलाया गया. जानें पूरी बात
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की युवा शाखा के नेता और तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधी स्टालिन ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है जिसपर राजनीति तेज हो सकती है. उन्होंने आरोप लगाया है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को न तो पहले नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह में और न ही अब आमंत्रित किया गया क्योंकि वह विधवा हैं और आदिवासी समुदाय से आती हैं. आगे उदयनिधी ने कहा कि इसी को हम सनातन धर्म कहते हैं.
आपको बता दें कि युवा कल्याण और खेल विकास मंत्री ने पूर्व में अपनी सनातन धर्म विरोधी टिप्पणियों से विवाद को बढ़ावा दिया था, जिसके कारण देश भर में तीखी बहस हुई थी. इस दौरान बीजेपी ने इस मुद्दे को लेकर उन पर निशाना साधा था और विपक्षी गठबंधन पर जोरदार हमला किया.
क्या इसे ही कहते हैं सनातन
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के एक कार्यक्रम में मंत्री उदयनिधी स्टालिन ने कहा कि मुर्मू को न तो कुछ महीने पहले नए संसद भवन के उद्घाटन में आमंत्रित किया गया था और न ही उन्हें वर्तमान में इसके पहले सत्र में बुलाया गया जहां पांच दिन का विशेष सत्र जारी है. लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पारित किया गया. उन्होंने कहा कि हमारे देश में प्रथम नागरिक राष्ट्रपति हैं और उनका नाम द्रौपदी मुर्मू है. उन्हें नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह में आमंत्रित नहीं किया गया था… क्या इसे ही हम सनातन कहते हैं…
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सनातन धर्म विवाद पर क्या बोले पीएम मोदी
यहां चर्चा कर दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विपक्षी गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इंक्लूसिव अलायंस ‘इंडिया’ को ‘घमंडिया’ गठबंधन करार देते पिछले दिनों आरोप लगाया कि इसके नेताओं ने सनातन संस्कारों और परंपराओं को समाप्त करने का संकल्प लिया है. उन्होंने कहा कि यहां कुछ ऐसे दल भी हैं, जो देश और समाज को विभाजित करने में जुटे हैं. इन्होंने मिलकर एक आईएनडीआई अलायंस बनाया है, जिसे कुछ लोग ‘घमंडिया’ गठबंधन भी कहते हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि लेकिन इस घमंडिया गठबंधन की नीति और रणनीति भारत की संस्कृति पर हमला करने की है. इस आईएनडीआई अलायंस का निर्णय है कि भारतीयों की आस्था पर हमला करो. इस घमंडिया गठबंधन की नीयत है कि भारत को जिन विचारों और संस्कारों ने हजारों वर्ष से जोड़ा है, उन्हें तबाह कर दो. ये घमंडिया गठबंधन वाले सनातन संस्कारों और परंपरा को समाप्त करने का संकल्प लेकर आए हैं. जिस सनातन को महात्मा गांधी ने जीवन पर्यंत माना, जिस सनातन ने उन्हें अस्पृश्यता के खिलाफ आंदोलन चलाने के लिए प्रेरित किया. ये घमंडिया गठबंधन के लोग उस सनातन परंपरा को समाप्त करना चाहते हैं.
क्या है ‘सनातन धर्म’ का मामला
गौर हो कि तमिलनाडु के युवा कल्याण मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने सितंबर के पहले महीने यह टिप्पणी कर विवाद पैदा कर दिया कि ‘सनातन धर्म’ समानता एवं सामाजिक न्याय के विरुद्ध है और इसका उन्मूलन करने की जरूरत है. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के बेटे उदयनिधि ने ‘सनातन धर्म’ की तुलना कोरोना वायरस, मलेरिया और डेंगू से करते हुए कहा था कि ऐसी चीजों का विरोध नहीं करना चाहिए बल्कि इनका उन्मूलन कर देना चाहिए.
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