Tripura Chunav 2023: क्या टिपरा मोथा का चला जादू ? त्रिपुरा में रिकॉर्ड मतदान के क्या हैं मायने
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 17 Feb 2023 8:35 AM
Tripura Chunav 2023: त्रिपुरा विधानसभा चुनाव के लिए मतदान शाम चार बजे तक चला. सीईओ ने कहा कि 40-45 स्थानों पर ईवीएम खराब होने की सूचना मिली थी, लेकिन सभी मशीन बदल दी गईं और मतदान फिर से शुरू करवाया गया. निर्वाचन आयोग ने जहां भी आवश्यकता हुई, वहां अतिरिक्त बल भेजा.
Tripura Chunav 2023: त्रिपुरा विधानसभा चुनाव के लिए मतदान संपन्न हो गया है. मतदान केंद्रों पर EVM को सील कर सुरक्षित किया जा रहा है. मतदान के दौरान हिंसा की अलग-अलग घटनाओं में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक नेता और वाम दल के दो पोलिंग एजेंट सहित कम से कम तीन व्यक्ति घायल हो गये. मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और शाम चार बजे तक चला. राज्य चुनाव आयोग ने बताया कि त्रिपुरा में शाम 4 बजे तक करीब 81 प्रतिशत मतदान हुआ.
यहां चर्चा कर दें कि चुनावी मैदान में मुख्य रूप से भाजपा-आईपीएफटी गठबंधन, माकपा-कांग्रेस गठबंधन और पूर्वोत्तर राज्य के पूर्व शाही परिवार के वंशज द्वारा गठित एक क्षेत्रीय पार्टी टिपरा मोथा हैं. वोटों की गिनती 2 मार्च को होगी. इस बार रिकॉर्ड मतदान के कई मायने निकाले जा रहे हैं.
त्रिपुरा चुनाव में हर पार्टी ने जोर लगाया है. यहां मुकाबला रोचक नजर आया. इस बीच आपको बता दें कि त्रिपुरा चुनाव में इन दिनों सबसे ज्यादा किसी चर्चा हो रही है तो वह टिपरा मोथा पार्टी की और पार्टी प्रमुख प्रद्योत माणिक्य देबबर्मा की. दरअसल, त्रिपुरा चुनाव को दिलचस्प बनाने वाले टिपरा मोथा पार्टी के प्रमुख प्रद्योत माणिक्य देबबर्मा पूर्ववर्ती राजपरिवार के वंशज हैं. राजनीति के जानकारों की मानें तो प्रदेश में आदिवासी समाज के बीच उनकी मजबूत पकड़ है. त्रिपुरा में 20 सीटें जनजातीय बहुल हैं और ये इस राज्य में सत्ता की कुंजी है.
भाजपा गठबंधन
भाजपा-55 सीट
आइपीएफटी-05 सीट
(अम्पीनगर में भाजपा-आइपीएफटी में दोस्ताना जंग)
वाम-कांग्रेस गठबंधन
माकपा-43 सीट
कांग्रेस-13 सीट
(फॉरवर्ड ब्लॉक, आरएसपी व भाकपा एक-एक सीट पर)
अन्य दल
टिपरा मोथा-42 सीट
टीएमसी-28 सीट
निर्दलीय-58 सीट
-60 में 36 सीटें जीत कर भाजपा ने वाममोर्चा के शासन किया था अंत
-20 जनजातीय सीटों में 18 सीटें मिलीं थीं भाजपा गठबंधन को
-43.59 % वोट भाजपा को, 42.22 प्रतिशत वोट माकपा को मिले थे
जानकारों की मानें नवगठित राजनीतिक दल ‘टिपरा मोथा’ के ‘किंगमेकर’ (सरकार गठन में अहम भूमिका निभाने वाली पार्टी) के रूप में उभरने की संभावना है और इस चुनाव में उसका मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-इंडिजेनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) गठबंधन एवं कांग्रेस-वाम मोर्चा गठबंधन के साथ हुआ.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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