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Today History : जब अंतिम समय में वाजपेई के प्रस्ताव पर लगी थी मुहर, जानें एपीजे अब्दुल कलाम के राष्ट्रपति बनने की कहानी

Updated at : 18 Jul 2020 9:11 AM (IST)
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Today History : जब अंतिम समय में वाजपेई के प्रस्ताव पर लगी थी मुहर, जानें एपीजे अब्दुल कलाम के राष्ट्रपति बनने की कहानी

apj abdul kalam, atal bihari vajpee, today history, president of india : मिसाइल मैन के नाम से मशहूर और भारत रत्न से सम्मानित एपीजे अब्दुल कलाम आजाद आज ही के दिन 2002 में देश के 11वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लिए थे. अब्दुल कलाम आजाद इस पद पर 2007 तक बने रहें. बताया जाता है कि कलाम को राष्ट्रपति बनाने में पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेई ने बड़ी भूमिका निभाई थी. बता दें कि कलाम के नाम पर राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए भी अंतिम समय में मुहर लगी थी.

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नयी दिल्ली : मिसाइल मैन के नाम से मशहूर और भारत रत्न से सम्मानित एपीजे अब्दुल कलाम आजाद आज ही के दिन 2002 में देश के 11वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लिए थे. अब्दुल कलाम आजाद इस पद पर 2007 तक बने रहें. बताया जाता है कि कलाम को राष्ट्रपति बनाने में पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेई ने बड़ी भूमिका निभाई थी. बता दें कि कलाम के नाम पर राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए भी अंतिम समय में मुहर लगी थी.

शुरुआती दौर में कलाम का नाम नहीं था– दिलचस्प बात यह है कि उस वर्ष राष्ट्रपति चुनाव में एपीजे अब्दुल कलाम आजाद का नाम शुरुआती दौर में शामिल नहीं था. रायसीना हिल्स पर जाने के लिए पहले एनडीए की ओर से पीसी एलेक्जेंडर और यूपीए की ओर से कृष्णकांत और के आर नारायणन का नाम चल रहा था लेकिन आखिर समय में बीजेपी ने अपने पत्ते खोले और कलाम को राष्ट्रपति उम्मीदवार घोषित कर दिया.

वाजपेई ने निभाया था अहम रोल- एनडीए द्वारा उम्मीदवार चुनने के समय एपीजे अब्दुल कलाम आजाद को राष्ट्रपति बनाने में पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेई का अहम रोल था. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार एनडीए की बैठक में वाजपेई के अलावा, आडवाणी, जॉर्ज फर्नांडिस, प्रमोद महाजन, वैंकेया नायडू और जसवंत सिंह शामिल हुए थे. बैठक में शिवसेना और एनसीपी पीसी एलेक्जेंडर को राष्ट्रपति बनाना चाहती थी, लेकिन वाजपेई ने अपना रूख स्पष्ट कर दिया, जिसके बाद एनडीए की एक और बैठक हुई और कलाम के उम्मीदवारी के नाम पर मुहर लगा दी गई.

मुलायम सिंह ने दिया था सपोर्ट- कलाम के नाम की घोषणा से पहले समाजवादी पार्टी यूपीए के कैंडिडेट्स का समर्थन कर रही थी. लेकिन जैसे ही कलाम के नाम की उम्मीदवारी घोषित की गई, वैसै ही मुलायम एनडीए खेमे में चले गए. मुलायम सिंह के आने के बाद कलाम के जीत की संभावनाएं बढ़ती गयी और वे देश के 11वें राष्ट्रपति बनें.

कलाम के बारे में जानिए– एपीजे अब्दुल कलाम आजाद मिसाइल मैन के नाम से भी जाने जाते हैं. उनका जन्म तमिलनाडु के एक गरीब परिवार में हुआ था. उन्होंने अपनी करियर की शुरुआत इसरो से की. पोखरण परमाणु संयंत्र के काम में कलाम का योगदान अभूतपूर्व माना जाता है.1997 में कलाम को भारत रत्न से सम्मानित किया गया. कलाम 2002 में भारत गणराज्य के राष्ट्रपति बनें, वे इस पद 2007 तक रहे. 2015 में कलाम का निधन हो गया.

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Posted By : Avinish Kumar mishra

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