Tiger: देश में बढ़ रही है बाघों की संख्या
Published by : Anjani Kumar Singh Updated At : 25 Nov 2024 6:27 PM
Valmiki Tiger Reserve, Bihar
वर्ष 2022 में राष्ट्रीय स्तर पर बाघों की संख्या के लिए गए आकलन के अनुसार देश में 3682 बाघ मौजूद है, जबकि वर्ष 2018 में बाघों की संख्या 2967 और वर्ष 2014 में 2226 थी. देश में बाघों की संख्या 6 फीसदी के दर से बढ़ रही है.
Tiger: देश में बाघों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है. वर्ष 2022 में राष्ट्रीय स्तर पर बाघों की संख्या के आकलन के अनुसार देश में 3682 बाघ मौजूद है, जबकि वर्ष 2018 में बाघों की संख्या 2967 और वर्ष 2014 में 2226 थी. देश में बाघों की संख्या 6 फीसदी के दर से बढ़ रही है. केंद्र सरकार ने नेशनल टाइगर कंर्जवेशन अथॉरिटी के लिए बाघ और इंसानों के बीच झड़प को रोकने के लिए तीन सूत्रीय एजेंडे को अपनाया. बाघों को अपने इलाके में सीमित रखने के लिए केंद्र प्रायोजित योजना प्रोजेक्ट टाइगर के तहत टाइगर रिजर्व में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और अन्य संसाधन मुहैया कराया गया.
इसके अलावा आम लोगों को बाघों के महत्व को लेकर जागरूक करने का काम किया गया. इसके अलावा वन कर्मियों को भी मानव-जानवर के बीच झड़प को रोकने के लिए ट्रेनिंग मुहैया करायी गयी. इसके अलावा बाघों के रिहाईश वाले इलाकों में लोगों की आवाजाही को काफी हद तक नियंत्रित किया गया. साथ ही रिहायशी इलाके में बाघों के जाने की स्थिति में हालात से निपटने, अन्य जानवरों पर बाघों के हमले को रोकने के लिए दिशानिर्देश जारी किया गया.
किस राज्य में हैं कितने बाघ
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार उत्तराखंड में वर्ष 2006 में 178, वर्ष 2010 में 227, वर्ष 2014 में 340, वर्ष 2018 में 442 और वर्ष 2022 में बाघों की संख्या 560 हो गयी. वहीं बिहार में वर्ष 2006 में 10, वर्ष 2010 में 8, वर्ष 2014 में 28, वर्ष 2018 में 31 और वर्ष 2022 में बाघों की संख्या 54 हो गयी, जबकि झारखंड में वर्ष 2010 में 10, वर्ष 2014 में 3, वर्ष 2018 में 5 और वर्ष 2022 में बाघों की संख्या 1 रही.
पश्चिम बंगाल के सुंदरबन इलाके में वर्ष 2010 में 70, वर्ष 2014 में 76, वर्ष 2018 में 88 और वर्ष 2022 में बाघों की संख्या 101 हो गयी. इसके अलावा महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और दक्षिणी राज्यों में भी बाघों की संख्या समय के साथ बढ़ी है. वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 के तहत बाघों के संरक्षण के लिए टाइगर एक्शन प्लान बनाया गया है. यही नहीं पहले के मुकाबले बाघों के शिकार और अन्य कारणों से होने वाली मौत में भी बड़ी कमी दर्ज की गयी है.
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